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ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक ने पहली तिमाही में 80 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया

ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 80 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। बैंक की आय में वृद्धि और डूबे कर्ज में कमी के चलते यह लाभ संभव हुआ। पिछले वर्ष की तुलना में ब्याज आय में भी 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ प्रावधान कवरेज अनुपात में भी वृद्धि हुई है। जानें इस बैंक की वित्तीय स्थिति और प्रगति के बारे में अधिक जानकारी।
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बैंक का लाभ और आय में वृद्धि

ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 80 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त किया है। इस लाभ का मुख्य कारण अधिक आय और डूबे हुए कर्ज में कमी है। केरल स्थित इस बैंक ने पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में 81 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया था।


आय और ब्याज में वृद्धि

बैंक ने शुक्रवार को शेयर बाजार को सूचित किया कि समीक्षाधीन तिमाही में उसकी कुल आय बढ़कर 1,346 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 1,023 करोड़ रुपये थी। इस दौरान, ब्याज आय में 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 1,098 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जबकि एक वर्ष पहले यह 828 करोड़ रुपये थी। बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) बढ़कर 7.9 प्रतिशत हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह छह प्रतिशत था।


परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार

बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार देखा गया है। 30 जून, 2026 तक सकल अग्रिमों के अनुपात में सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) घटकर 5.40 प्रतिशत रह गईं, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के अंत में 7.48 प्रतिशत थीं। शुद्ध अग्रिमों के अनुपात में शुद्ध एनपीए भी 0.83 प्रतिशत पर आ गया, जो एक साल पहले 3.77 प्रतिशत था।


प्रावधान कवरेज अनुपात में वृद्धि

प्रावधान कवरेज अनुपात भी 30 जून, 2025 के 73.2 प्रतिशत से बढ़कर 85.5 प्रतिशत हो गया है। ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के. पॉल थॉमस ने कहा, 'वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही ईएसएएफ बैंक के विकास के सफर में निरंतर प्रगति को दर्शाती है। हमारी रणनीति, जो विविधीकृत, सुरक्षित और ग्राहक-केंद्रित ऋण खंड तैयार करने पर केंद्रित है, ने वृद्धि, लाभ और परिसंपत्ति गुणवत्ता के मोर्चे पर सकारात्मक परिणाम दिए हैं।'