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उच्चतम न्यायालय ने एथनॉल ईंधन की आपूर्ति पर उठाए सवाल

उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में 100 प्रतिशत एथनॉल वाले ईंधन से चलने वाले वाहनों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार से सवाल उठाए हैं। न्यायालय ने इस मुद्दे को किसानों के सशक्तिकरण और पर्यावरण के दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता पर जोर दिया। जानें इस महत्वपूर्ण सुनवाई के बारे में और क्या कहा गया।
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एथनॉल ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करने का मुद्दा

उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार से यह जानने की कोशिश की कि 100 प्रतिशत एथनॉल से चलने वाले वाहनों के लिए ईंधन की आपूर्ति कैसे सुनिश्चित की जाएगी। हाल ही में, केंद्र ने फ्लेक्स फ्यूल वाहनों में ई100 ईंधन के उपयोग की अनुमति देने के लिए नियमों में संशोधन किया है। हालांकि, पेट्रोल में एथनॉल के मिश्रण को 20 प्रतिशत से अधिक करने की कोई तत्काल योजना नहीं है।


न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने एथनॉल आवंटन से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान यह प्रश्न उठाया। पीठ ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा, 'अगर 100 प्रतिशत एथनॉल से चलने वाले वाहनों को अनुमति दी गई है, तो उनकी आपूर्ति कैसे की जाएगी?' इस पर अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने बताया कि इसके लिए विनिर्माण व्यवस्था में बड़े बदलाव की आवश्यकता होगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 26 अक्टूबर को केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन किया था।


इस संशोधन के तहत ई100, यानी लगभग शुद्ध एथनॉल से चलने वाले वाहनों को नियमों में शामिल किया गया है। पहले, ई85 जैसे अधिक एथनॉल मिश्रण वाले ईंधन के लिए प्रावधान था। हालांकि, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 27 अक्टूबर को स्पष्ट किया कि सरकार की पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण को मौजूदा 20 प्रतिशत से बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।


सुनवाई के दौरान, पीठ ने किसानों को सशक्त बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। न्यायमूर्ति सुंदरेश ने कहा कि इस मुद्दे को व्यापक जनहित और पर्यावरण के दृष्टिकोण से देखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी जनसंख्या, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले किसानों के हितों पर ध्यान देना चाहिए।


न्यायमूर्ति सुंदरेश ने कहा, 'किसानों को सशक्त बनाने का मुद्दा सबसे महत्वपूर्ण है। हमें इस पर ध्यान देना होगा कि किसानों को कैसे सशक्त किया जाए। इस पर कोई चर्चा नहीं हो रही है।' इस पर अटॉर्नी जनरल ने कहा कि वह इस मुद्दे पर अपनी दलीलों में बात करेंगे।


उच्चतम न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई अगले महीने के लिए निर्धारित की है। अदालत 2025-26 के एथनॉल आपूर्ति वर्ष के लिए आवंटन बढ़ाने से संबंधित मामले की सुनवाई कर रही है।