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उत्तर प्रदेश का नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन लक्ष्य: 20,000 मेगावाट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को 20,000 मेगावाट तक बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। वर्तमान में, राज्य लगभग 6,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रहा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत, लाखों परिवार सौर ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं, जिससे उनकी बिजली की लागत में कमी आई है। इस योजना के तहत, राज्य में सौर संयंत्रों से 2,000 मेगावाट से अधिक बिजली उत्पन्न हो रही है। जानें इस योजना के अन्य पहलुओं और राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता के प्रयासों के बारे में।
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मुख्यमंत्री का महत्वाकांक्षी लक्ष्य

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को घोषणा की कि राज्य का उद्देश्य अगले दो से तीन वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता को 20,000 मेगावाट तक बढ़ाना है। उन्होंने जेवर में एसएईएल इंडस्ट्रीज के विनिर्माण संयंत्र की आधारशिला रखने के अवसर पर यह बात कही। वर्तमान में, उत्तर प्रदेश लगभग 6,000 मेगावाट बिजली नवीकरणीय स्रोतों से उत्पन्न कर रहा है।


ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम

आदित्यनाथ ने कहा, "हम तेजी से 20,000 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत, छह लाख से अधिक परिवारों ने अपने घरों की छतों पर सौर संयंत्र स्थापित कर लिए हैं, जिससे उनकी ऊर्जा आत्मनिर्भरता में वृद्धि हुई है।


इन परिवारों को दिन में पर्याप्त बिजली मिलती है, और रात में उनकी बिजली की खपत भी कम हो गई है, जिससे उनके बिजली बिल में 50 से 60 प्रतिशत तक की कमी आई है।


सौर ऊर्जा का योगदान

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन नागरिकों ने 'रूफटॉप' सौर संयंत्र लगाए हैं, वे मिलकर 2,000 मेगावाट से अधिक बिजली उत्पन्न कर रहे हैं, जिससे तापीय बिजली पर निर्भरता कम हो रही है।


उन्होंने कहा, "अगर यह न होता, तो हमें इतनी बिजली तापीय बिजलीघरों से प्राप्त करनी पड़ती। आज, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत उत्तर प्रदेश में 2,000 मेगावाट से अधिक बिजली सौर संयंत्रों से उत्पन्न हो रही है।"


वैश्विक ऊर्जा संकट का संदर्भ

आदित्यनाथ ने हाल ही में पश्चिम एशिया में संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम आपूर्ति में रुकावटों ने यह स्पष्ट किया है कि ऊर्जा की कमी आर्थिक विकास में बाधा डाल सकती है और महंगाई को बढ़ा सकती है।


उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की नवीकरणीय और हरित ऊर्जा के लिए मजबूत रणनीति की सराहना की, जो दुनिया के देशों को पर्यावरण के अनुकूल भविष्य की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करती है।


जैव ईंधन में प्रगति

आदित्यनाथ ने जैव ईंधन के क्षेत्र में राज्य की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि एथनॉल मिश्रण नीति लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा एथनॉल उत्पादक राज्य बन गया है।


उन्होंने बताया कि राज्य का चीनी उद्योग अब आत्मनिर्भर हो गया है और देश का लगभग 55 प्रतिशत एथनॉल उत्पादन कर रहा है। उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक कंप्रेस्ड बायोगैस संयंत्र भी हैं, और सरकार अगले वर्ष के भीतर 100 नए संयंत्र स्थापित करने की योजना बना रही है।


निवेश का स्वागत

आदित्यनाथ ने एसएईएल के निवेश का स्वागत करते हुए कहा कि कंपनी 8,200 करोड़ रुपये के निवेश से एक कारखाना स्थापित कर रही है। उनकी योजना सालाना छह गीगावाट सौर सेल और पांच गीगावाट सौर मॉड्यूल निर्माण की है।


इस परियोजना से भारत का सौर विनिर्माण क्षेत्र मजबूत होगा, आयात पर निर्भरता कम होगी, और हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन होगा। इसके साथ ही, एमएसएमई, लॉजिस्टिक, इंजीनियरिंग और तकनीकी पेशेवरों के लिए नए अवसर भी उत्पन्न होंगे।


आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश निवेशकों को सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास के लिए हर संभव सहायता प्रदान करता रहेगा।