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उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनी का आयोजन: निवेशकों के लिए एक नया अवसर

उत्तर प्रदेश में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनी का उद्देश्य राज्य को एक वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में विभिन्न उद्योगों के लिए विशेष हॉल होंगे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा उद्घाटन की योजना है। प्रदर्शनी में निवेशकों और उद्यमियों के लिए कई अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे वे प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अनुभव कर सकेंगे।
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उत्तर प्रदेश में व्यापार प्रदर्शनी का चौथा संस्करण

उत्तर प्रदेश को एक प्रमुख वैश्विक निवेश स्थल के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से, 25 से 29 सितंबर तक ‘उप्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनी’ का चौथा संस्करण आयोजित किया जाएगा। यह पांच दिवसीय कार्यक्रम इंडिया एक्सपो मार्ट में होगा, जिसका उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किया जाने की योजना है। राज्य सूचना विभाग के अनुसार, इस बार प्रदर्शनी में निवेश प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचे, एक्सप्रेसवे, हवाई अड्डे, औद्योगिक विकास प्राधिकरण, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और सेवा क्षेत्रों के लिए विशेष हॉल बनाए गए हैं।


इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य निवेशकों, खरीदारों और उद्यमियों के बीच सीधी बातचीत को बढ़ावा देना और व्यावसायिक साझेदारियों को स्थापित करना है। इस दौरान कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे देश-विदेश से आने वाले उद्यमियों और आगंतुकों को प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक कलाओं, शास्त्रीय संगीत और परंपराओं का अनुभव करने का अवसर मिलेगा।


सूचना विभाग के अनुसार, कार्यक्रमों की शुरुआत 25 सितंबर को शंख वादन, वैदिक मंगलाचरण और चेतन जोशी के वाद्य संगीत, अलोकनिशा श्रीवास्तव के कथक और ढेढ़िया लोक नृत्य के साथ होगी। 26 सितंबर को दिल्ली के पं. रविशंकर उपाध्याय और पं. ऋषि शंकर उपाध्याय का पखावज युगल वादन, भोजपुरी लोक गायन, कथक और मथुरा का लोक नृत्य मुख्य आकर्षण होंगे। इसके बाद 27 सितंबर को सैक्सोफोन वादन, झांसी का राई लोक नृत्य और भरतनाट्यम का प्रदर्शन होगा। 28 सितंबर को भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का प्रदर्शन, महोबा का आल्हा गायन, पीलीभीत का थारू जनजातीय नृत्य और सूफी नाइट का आयोजन किया जाएगा।


सांस्कृतिक कार्यक्रमों का समापन 29 सितंबर को वाराणसी के पद्मश्री पं. शिवनाथ मिश्रा के सितार वादन और कमाल खान के गजल गायन के साथ होगा।