उत्तर प्रदेश में महिला समूहों के उत्पादों को बाजार से जोड़ने की पहल
महिला समूहों के लिए नए अवसर
सोमवार को उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनी में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा आयोजित खरीदार-विक्रेता बैठक में महिला समूहों और प्रमुख कंपनियों के बीच लगभग 30 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों को राज्य के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की उपस्थिति में महिलाओं के व्यवसाय को बाजार और बड़े खरीदारों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना गया।
मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि व्यापार प्रदर्शनी में हुए समझौतों की नियमित निगरानी की जाए और सभी एमओयू को वास्तविकता में लाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि अगले सत्र से प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले लगभग डेढ़ करोड़ बच्चों के लिए ड्रेस तैयार करने की प्रक्रिया में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को शामिल किया जाएगा। इस तरह के बड़े कार्य से महिला समूहों के लिए रोजगार और व्यापार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।
सरकार का उद्देश्य महिलाओं को लखपति दीदी से करोड़पति दीदी बनाना है। मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास जारी हैं। भाजपा सरकार में महिलाएं न केवल सुरक्षित हैं, बल्कि आर्थिक रूप से भी सशक्त हो रही हैं।
महिला समूहों के उत्पादों को बाजार में लाने के लिए ऐसे मंच अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जहां वे सीधे कंपनियों के साथ कारोबारी संबंध स्थापित कर सकें। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के निदेशक अरुण कुमार ने कहा कि लाखों महिलाएं आजीविका मिशन से जुड़कर आर्थिक गतिविधियों में आगे बढ़ रही हैं। व्यापार प्रदर्शनी उनके उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संभावित खरीदारों से जोड़ने का एक अनूठा अवसर प्रदान कर रही है।
