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उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर और एआई में निवेश का नया युग

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में निवेश की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य अब मोबाइल फोन असेंबलिंग से आगे बढ़कर माइक्रोचिप निर्माण की ओर अग्रसर है। आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि अब प्रदेश की संभावनाओं का सही उपयोग किया जा रहा है। जानें इस नई पहल के बारे में और कैसे यह युवाओं के लिए अवसर पैदा कर रही है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान

(फाइल फोटो के साथ) लखनऊ, छह अक्टूबर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बताया कि उत्तर प्रदेश अब सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में निवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य मोबाइल फोन के असेंबलिंग से आगे बढ़कर माइक्रोचिप निर्माण की दिशा में कदम बढ़ा रहा है, जिससे भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था की नींव रखी जा सके। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर उन्होंने लिखा, "असेंबली से एआई तक: नए उत्तर प्रदेश की नई उड़ान... पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश की अपार संभावनाओं का सही उपयोग नहीं किया, बल्कि इसे बीमारू बनाए रखा। आज, पिछले साढ़े नौ वर्षों में, प्रदेश देश के लगभग 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक घटकों के उत्पादन में योगदान दे रहा है।


प्रधानमंत्री मोदी की परिकल्पना

आदित्यनाथ ने आगे कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मेक इन इंडिया', 'डिजिटल इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' की जो दृष्टि प्रस्तुत की है, उसे 'डबल इंजन' सरकार ने उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन के माध्यम से साकार किया है।" उन्होंने बताया कि जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की लागत से एचसीएल-फॉक्सकॉन चिप यूनिट का निर्माण हो रहा है, और 644 मेगावाट के डेटा सेंटर के प्रस्ताव भी आए हैं। प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप और आठ 'यूनिकॉर्न' भी हैं।


पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों की आलोचना करते हुए कहा, "2017 से पहले की स्थिति अलग थी। घोषणाएं तो होती थीं, लेकिन परियोजनाएं वास्तविकता में नहीं उतरती थीं। उस समय परिवारवाद ही विकास का प्रतीक था, और माफियाकरण औद्योगिकीकरण का मॉडल बन गया था। जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार की हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए अनुकूल वातावरण कैसे बनेगा?"


युवाओं के लिए नई पहल

आदित्यनाथ ने बताया कि राज्य ने अपनी 'एआई प्रज्ञा' पहल के तहत 10 लाख युवाओं को उभरती प्रौद्योगिकियों से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने यह भी कहा कि वह मंगलवार को लखनऊ में एचसीएलटेक की स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। 'एचसीएल गुवी इमर्जिंग टेक स्किलिंग सेंटर' का उद्घाटन भी करेंगे। उन्होंने कहा, "विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प के साथ यह 'नए उत्तर प्रदेश' की नई उड़ान है।"