एचयूएल का वित्तीय प्रदर्शन: पहली तिमाही में लाभ में गिरावट
एचयूएल का लाभ रिपोर्ट
नई दिल्ली, 28 जुलाई: दैनिक उपभोग के सामान बनाने वाली कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ में 3.17 प्रतिशत की कमी दर्ज की, जो 2,680 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में यह लाभ 2,768 करोड़ रुपये था। कंपनी ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी गई सूचना में बताया कि एचयूएल ने अप्रैल से जून की तिमाही में 75 करोड़ रुपये का असाधारण घाटा भी झेला।
खर्च और लाभ का विश्लेषण
इस घाटे में 115 करोड़ रुपये के पुनर्गठन खर्च और अधिग्रहण तथा विनिवेश से जुड़े 5 करोड़ रुपये के खर्च शामिल हैं। हालांकि, कंपनी को अधिशेष परिसंपत्तियों के विनिवेश से 45 करोड़ रुपये का असाधारण लाभ भी प्राप्त हुआ। समीक्षाधीन तिमाही में एचयूएल का कर व्यय बढ़कर 952 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 526 करोड़ रुपये था।
राजस्व में वृद्धि
एचयूएल का असाधारण मदों एवं कर से पहले का लाभ (पीबीईआईटी) पहली तिमाही में 9.28 प्रतिशत बढ़कर 3,707 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 3,392 करोड़ रुपये था। इस तिमाही में उत्पादों की बिक्री से राजस्व 10.26 प्रतिशत बढ़कर 17,149 करोड़ रुपये हो गया, जो एक वर्ष पहले की समान तिमाही में 15,552 करोड़ रुपये था। एचयूएल ने अपने आय विवरण में कहा कि यह पिछले 13 तिमाहियों में सबसे अधिक वृद्धि है।
आर्थिक स्थिति और CEO की टिप्पणी
इस दौरान ‘अंडरलाइंग सेल्स ग्रोथ’ (यूएसजी) 10 प्रतिशत रही। कंपनी ने कहा कि अस्थिर कारोबारी माहौल के बावजूद अप्रैल-जून तिमाही में उसका ईबीआईटीडीए मार्जिन 23 प्रतिशत रहा, जो उसके अनुमानित दायरे में है। अप्रैल-जून तिमाही में कर पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) सालाना आधार पर 8 प्रतिशत बढ़कर 3,947 करोड़ रुपये हो गई।
आलोच्य तिमाही में एचयूएल का कुल खर्च 10 प्रतिशत बढ़कर 13,822 करोड़ रुपये हो गया। अन्य आय सहित कुल आय 9.84 प्रतिशत बढ़कर 17,529 करोड़ रुपये रही। एचयूएल की मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रिया नायर ने कहा, 'तिमाही के दौरान मांग का बुनियादी माहौल स्थिर रहा।'
उन्होंने आगे कहा कि एचयूएल ने 17,184 करोड़ रुपये का कारोबार और 10 प्रतिशत यूएसजी दर्ज की, जिसमें मात्रा और कीमत दोनों का समान योगदान रहा। नायर ने यह भी बताया कि यह प्रदर्शन एचयूएल के ब्रांडों की मजबूती और उत्पाद खंड की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाता है।
