एचसीएल का 7,000 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश योजना: तांबा खनन में विस्तार
एचसीएल का नया निवेश अभियान
हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) ने मंगलवार को घोषणा की कि वह अगले पांच से छह वर्षों में 7,000 करोड़ रुपये से अधिक का पूंजीगत निवेश करने की योजना बना रही है। यह कदम कंपनी के विस्तार प्रयासों का हिस्सा है, जिसमें खनन, अन्वेषण और रणनीतिक साझेदारियों का समावेश है।
कंपनी ने शेयर बाजार को सूचित किया कि उसने तांबा और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में कई रणनीतिक पहलों को लागू किया है और आने वाले वर्षों में 7,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की योजना बनाई है।
तांबे की बढ़ती मांग
यह निर्णय देश में बुनियादी ढांचे के विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक परिवहन और अन्य स्वच्छ ऊर्जा उपयोग के कारण तांबे की बढ़ती मांग को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कंपनी ने बताया कि उसने पिछले तीन वर्षों में 13.55 करोड़ टन तांबा अयस्क भंडार और संसाधनों को अपने खाते में जोड़ा है, जो उसके संसाधन आधार में निरंतर सुधार को दर्शाता है।
भंडार अधिग्रहण की दिशा में सक्रियता
एचसीएल ने यह भी कहा कि वह भारत और विदेशों में नए तांबे के भंडार के अधिग्रहण के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है। कंपनी ने यह स्पष्ट किया कि इस योजना का एक प्रमुख उद्देश्य देशभर में बंद पड़ी खदानों को फिर से खोलकर घरेलू उत्पादन को बढ़ाना है।
