एथर एनर्जी ने पहली बार तिमाही में मुनाफा दर्ज किया, शेयरों में तेजी
एथर एनर्जी का मुनाफा और बाजार में प्रतिक्रिया
इलेक्ट्रिक स्कूटर की बढ़ती मांग के चलते वाहन निर्माता कंपनियां अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। इसी क्रम में एथर एनर्जी ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में पहली बार मुनाफा हासिल किया है। इस सकारात्मक खबर के बाद, सोमवार को शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों में 10% तक की वृद्धि देखी गई, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
दूसरी तिमाही में मुनाफा और राजस्व में वृद्धि
एथर एनर्जी ने सितंबर में समाप्त हुई दूसरी तिमाही में 1.5 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को 154 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में प्रतिस्पर्धा के चलते कंपनियों को बिक्री बढ़ाने और लागत को नियंत्रित करने की आवश्यकता है।
राजस्व में वृद्धि और उत्पादन क्षमता का विस्तार
दूसरी तिमाही में एथर एनर्जी का राजस्व सालाना आधार पर 62.9% बढ़कर 1,464 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने बताया कि कच्चे माल की ऊंची कीमतों के बावजूद उसकी कमाई में सुधार हुआ है। स्कूटरों की बिक्री में उत्पादों की हिस्सेदारी और मूल्य निर्धारण के निर्णयों ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कंपनी अब अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना बना रही है।
नए संयंत्र और बैटरी उत्पादन में निवेश
तमिलनाडु के होसुर संयंत्र में दिसंबर में सालाना 75,000 अतिरिक्त वाहनों का उत्पादन करने की क्षमता जोड़ी जाएगी। वहीं, महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में वित्त वर्ष 2028 की दूसरी तिमाही में 1,50,000 वाहनों की अतिरिक्त क्षमता विकसित करने की योजना है। होसुर प्लांट में 98% क्षमता का उपयोग हो रहा है, जिससे उत्पादन बढ़ाने की आवश्यकता स्पष्ट है।
बाजार की चुनौतियाँ और नए उत्पाद
कंपनी होसुर प्लांट के विस्तार में नई बैटरी उत्पादन लाइन पर 53 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसका उद्देश्य बैटरी की आपूर्ति के लिए विभिन्न स्रोत तैयार करना है। पेट्रोल की बढ़ती कीमतें भी इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। एथर एनर्जी ने इस तिमाही में कोनार्क नामक नया स्कूटर भी पेश किया है, जो बड़े पैमाने पर उत्पादन को आसान बनाता है।
