एनएसई के आईपीओ की तैयारी से शेयर बाजार में हलचल
बुधवार को एनएसई के आईपीओ की संभावित घोषणा से शेयर बाजार में हलचल मच गई। बीएसई के शेयरों में गिरावट आई, जबकि निवेशक एनएसई के आने की तैयारी कर रहे हैं। जानें इस आईपीओ के बारे में और क्या प्रभाव पड़ेगा।
| Jun 17, 2026, 19:35 IST
शेयर बाजार में एनएसई आईपीओ की खबर से गिरावट
बुधवार को शेयर बाजार में हलचल तब बढ़ी जब राष्ट्रीय शेयर विनिमय (एनएसई) के बहुप्रतीक्षित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से जुड़ी नई जानकारी सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, एनएसई आज शाम भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास अपना मसौदा रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) जमा कर सकता है। इस खबर के चलते निवेशकों की प्रतिक्रिया बाजार में स्पष्ट रूप से देखी गई, जिसके परिणामस्वरूप बंबई शेयर विनिमय (बीएसई) के शेयरों में गिरावट आई।
दोपहर लगभग 1:15 बजे, बीएसई का शेयर 4,029 रुपये के आसपास 3 प्रतिशत से अधिक गिर गया। उस दिन बीएसई पूंजी बाजार सूचकांक में सबसे अधिक गिरने वाले शेयरों में से एक रहा। इसके साथ ही, आदित्य बिड़ला सन लाइफ एसेट मैनेजमेंट कंपनी, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स), और एंजेल वन के शेयरों में भी कमजोरी देखी गई।
विश्लेषकों का मानना है कि बीएसई के शेयरों पर दबाव का एक प्रमुख कारण एनएसई के संभावित सूचीबद्ध होने की संभावना है। वर्तमान में, बीएसई देश का प्रमुख सूचीबद्ध शेयर विनिमय है, और एनएसई के आने से निवेशकों के पास एक और बड़ा विकल्प उपलब्ध होगा। कुछ निवेशक बीएसई में मुनाफावसूली कर एनएसई में निवेश की तैयारी कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित आईपीओ पूरी तरह से बिक्री प्रस्ताव के रूप में लाया जा सकता है, जिसका अर्थ है कि कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपने हिस्से के शेयर बेचेंगे। एनएसई की कुल हिस्सेदारी का लगभग 6 प्रतिशत इस पेशकश के माध्यम से बेचा जा सकता है। गैर-सूचीबद्ध बाजार में एनएसई का मूल्यांकन लगभग 5 लाख करोड़ रुपये है, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि आईपीओ का आकार लगभग 30 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
यदि ऐसा होता है, तो यह भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास में सबसे बड़े आईपीओ में से एक होगा। निवेशक और बाजार विशेषज्ञ लंबे समय से एनएसई के सार्वजनिक निर्गम का इंतजार कर रहे हैं।
मर्चेंट बैंकिंग सूत्रों के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक इस आईपीओ में सबसे बड़ा विक्रेता शेयरधारक बन सकता है, जो लगभग 2 करोड़ 47 लाख 50 हजार शेयर बेच सकता है। वहीं, एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड लगभग 1 करोड़ 60 लाख शेयरों की बिक्री कर सकती है। कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड लगभग 1 करोड़ 18 लाख 70 हजार शेयर बेचने की योजना बना रहा है।
इसके अलावा, अरांडा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस) प्राइवेट लिमिटेड, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड भी अपने हिस्से के शेयर बेचने की योजना बना रही हैं।
मौजूदा जानकारी के अनुसार, मसौदा दस्तावेज दाखिल करने से पहले एनएसई की आईपीओ समिति की बैठक हुई थी, जिसमें प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया। एनएसई के निदेशक मंडल ने सोमवार को डीआरएचपी को मंजूरी दे दी थी। अब बाजार की नजरें सेबी की आगे की प्रक्रिया और इस बहुप्रतीक्षित आईपीओ की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं।
