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एप्पल ने फिर से हासिल किया दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी का खिताब

एप्पल ने एक बार फिर से दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी का खिताब अपने नाम कर लिया है, एनवीडिया को पीछे छोड़ते हुए। हाल के बाजार परिवर्तनों और निवेशकों की नई रणनीतियों के चलते एप्पल ने यह उपलब्धि हासिल की है। एनवीडिया के शेयरों में गिरावट और एप्पल के शेयरों में वृद्धि ने इस स्थिति को जन्म दिया। जानें एप्पल के प्रदर्शन, निवेशकों के बदलते रुख और कंपनी की नई सेवाओं के बारे में।
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एप्पल का नया मुकाम

प्रमुख तकनीकी कंपनी एप्पल ने एक बार फिर से दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी का खिताब अपने नाम कर लिया है। हाल ही में, यह स्थान एनवीडिया के पास था, लेकिन बाजार में बदलाव और निवेशकों की नई रणनीतियों के चलते एप्पल ने उसे पीछे छोड़ दिया है। जानकारी के अनुसार, मई 2025 से एनवीडिया इस सूची में शीर्ष पर था, लेकिन अब एप्पल ने बाजार मूल्य के आधार पर फिर से पहले स्थान पर पहुंच गई है.


एनवीडिया के शेयरों में गिरावट

शुक्रवार को एनवीडिया के शेयरों में लगभग 3.7 प्रतिशत की कमी आई, जिससे कंपनी का कुल बाजार मूल्य लगभग 4.8 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर रह गया। इसके विपरीत, एप्पल के शेयर में करीब 0.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिससे उसका बाजार मूल्य लगभग 4.9 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। इस प्रकार, एप्पल ने फिर से दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी का खिताब अपने नाम कर लिया है.


एप्पल का मजबूत प्रदर्शन

पिछले कुछ महीनों में एप्पल के शेयरों ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। जून के निचले स्तर से अब तक, कंपनी के शेयर में लगभग 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं, वर्ष 2026 की शुरुआत से एप्पल का शेयर लगभग 23 प्रतिशत चढ़ चुका है। इस प्रदर्शन के साथ, एप्पल अमेरिका की प्रमुख तकनीकी कंपनियों के समूह में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली कंपनी बन गई है.


प्रौद्योगिकी सूचकांकों की तुलना

इस अवधि में, प्रौद्योगिकी कंपनियों पर आधारित प्रमुख सूचकांक नैस्डैक 100 में लगभग 12 प्रतिशत और एसएंडपी 500 में लगभग 8.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हालांकि, एप्पल का प्रदर्शन इन दोनों सूचकांकों से भी बेहतर रहा है.


निवेशकों का बदलता रुख

विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों का ध्यान अब उन कंपनियों से हट रहा है जो एआई के बुनियादी ढांचे में भारी निवेश कर रही हैं। पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में तेजी आई थी, लेकिन अब निवेशकों को लगता है कि इन कंपनियों का मूल्यांकन बहुत ऊंचा हो गया है। ऐसे में कई निवेशक अब संतुलित और स्थिर कारोबार वाली तकनीकी कंपनियों की ओर रुख कर रहे हैं, जिसका लाभ एप्पल को मिला है.


एप्पल की नई सेवा

एप्पल को हाल ही में चीन में अपनी एआई आधारित सेवा 'एप्पल इंटेलिजेंस' शुरू करने के लिए सरकारी मंजूरी भी मिली है। बाजार के जानकारों का मानना है कि इससे कंपनी की बिक्री और सेवाओं के कारोबार को नई गति मिल सकती है.


एनवीडिया के लिए चुनौतियाँ

एनवीडिया के शेयरों में गिरावट के पीछे एक बड़ा कारण यह है कि चीन की नई तकनीकी कंपनी मूनशॉट ने एक ऐसा एआई मॉडल पेश किया है, जिसे ओपनएआई और एंथ्रोपिक के प्रमुख मॉडलों के बराबर माना जा रहा है। इन दोनों कंपनियों के मॉडल बड़े पैमाने पर एनवीडिया के चिप का उपयोग करते हैं, जिससे निवेशकों को आशंका है कि यदि चीन की कंपनियां तेजी से आगे बढ़ती हैं, तो एआई के लिए चिप की मांग में कमी आ सकती है.


एचएसबीसी का सकारात्मक रुख

इस बीच, वैश्विक वित्तीय संस्था एचएसबीसी ने एप्पल के प्रति सकारात्मक रुख अपनाया है। संस्था ने कंपनी के शेयर पर अपनी राय को 'रोककर रखें' से बढ़ाकर 'खरीदें' कर दिया है। विश्लेषक निकोलस कोटे-कोलिसन का कहना है कि एप्पल इस समय कारोबारी बदलाव के महत्वपूर्ण दौर में है और आने वाले वर्षों में मजबूत बढ़त हासिल करने की स्थिति में है.