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एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में डेटा लीक की जांच शुरू, ग्राहकों की जानकारी पर खतरा

एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने अपने वाहन ऋण ग्राहकों के डेटा लीक की संभावित जांच शुरू की है। एक हैकर समूह ने बैंक के सिस्टम में सेंध लगाने का दावा किया है, जिससे ग्राहकों की संवेदनशील जानकारी लीक होने का खतरा है। बैंक ने कहा है कि उसके आंतरिक सिस्टम सुरक्षित हैं, लेकिन इस घटना से कितने ग्राहक प्रभावित हुए हैं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। जानें इस मामले में बैंक का क्या कहना है और शेयर बाजार पर इसका क्या असर पड़ा है।
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डेटा सुरक्षा पर सवाल

बैंक ग्राहकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को लेकर चिंताएं फिर से उठने लगी हैं। एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने अपने वाहन ऋण ग्राहकों से संबंधित कुछ जानकारियों के संभावित लीक की जांच शुरू कर दी है। 30 अक्टूबर को बैंक ने एक मीडिया चैनल को बताया कि यह मामला सेल्सफोर्स के एक बाहरी सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म से जुड़ा हुआ है। हालांकि, बैंक का कहना है कि इसके अपने सिस्टम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है और सभी बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं।


हैकर समूह का दावा

यह मामला तब सामने आया जब स्कारलेटग्रुप नामक एक हैकर समूह ने यह दावा किया कि उसने बैंक के सिस्टम में सेंध लगाई है। इस समूह ने ग्राहकों की संवेदनशील जानकारियों और बैंक के आंतरिक दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की धमकी भी दी थी। इसके बाद, साइबर सुरक्षा पर नजर रखने वाले मंच हैकमैनैक ने सोशल मीडिया पर लीक हुए डेटा के बारे में जानकारी साझा की।


लीक हुए डेटा की संभावित जानकारी

हैकमैनैक के अनुसार, लीक हुए डेटा में ग्राहकों के रिकॉर्ड, पैन और आधार से जुड़ी जानकारी, बैंक खाते के विवरण, क्रेडिट रिपोर्ट और ऋण समझौते शामिल हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त, बैंक के ग्राहक प्रबंधन से जुड़े रिकॉर्ड, कर्मचारियों की जानकारी, लॉगिन का इतिहास और जांच से जुड़े दस्तावेज भी इस डेटा में शामिल होने का दावा किया गया है। हालांकि, बैंक ने इन जानकारियों के लीक होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है।


बैंक का बयान

मीडिया चैनल के सवालों का जवाब देते हुए, बैंक के प्रवक्ता ने कहा कि वह सेल्सफोर्स द्वारा संचालित सॉफ्टवेयर सेवा मंच से जुड़े संभावित डेटा लीक की जांच कर रहा है। इस मंच पर वाहन ऋण ग्राहकों से संबंधित सीमित जानकारी मौजूद है। बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके आंतरिक सिस्टम सुरक्षित हैं और ग्राहकों की बैंकिंग सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा है।


ग्राहकों की संख्या पर अनिश्चितता

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस घटना से कितने ग्राहक प्रभावित हुए हैं। बैंक ने प्रभावित ग्राहकों की संख्या या उन्हें इस बारे में कोई सूचना दिए जाने को लेकर भी जानकारी नहीं दी है। बैंक की वित्त वर्ष 2026 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2026 के अंत तक उसके कुल विशिष्ट ग्राहकों की संख्या 1.22 करोड़ थी।


शेयर बाजार पर प्रभाव

इस खबर का असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। 30 अक्टूबर को दोपहर 1:27 बजे एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का शेयर एनएसई पर 865.7 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले कारोबारी दिन के बंद भाव से 1.7% नीचे था। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि शेयर में आई गिरावट का सीधा कारण डेटा लीक की खबर है।


बैंकिंग क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं

हाल के दिनों में देश के बैंकिंग क्षेत्र में ग्राहकों की निजी जानकारी की सुरक्षा को लेकर कई मामले सामने आए हैं। इसी महीने भारतीय स्टेट बैंक ने भी डार्क वेब पर मिले ग्राहकों के रिकॉर्ड से जुड़े डेटा लीक की जानकारी दी थी। 21 अक्टूबर को बैंक ने बताया था कि करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहकों की निजी पहचान से जुड़ी जानकारी मिली थी।


पिछले घटनाक्रम

इससे पहले जुलाई में बैंक ऑफ बड़ौदा में भी डेटा सुरक्षा से जुड़ी घटना सामने आई थी। उस समय एक कर्मचारी के ईमेल खाते से अनधिकृत तरीके से कुछ जानकारियों तक पहुंच बनाई गई थी। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने बैंकों के साथ काम करने वाली बाहरी तकनीकी कंपनियों की सुरक्षा व्यवस्था और ग्राहकों के डेटा की निगरानी को लेकर चिंता बढ़ा दी है।