एलन मस्क ने भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में स्टारलिंक इंटरनेट सेवा की पैरवी की
स्टारलिंक की सेवाएं भारत के दूरस्थ क्षेत्रों के लिए
सागर कुलकर्णी
वॉशिंगटन, 21 अगस्त: स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क ने भारत के दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट सेवा की कमी को दूर करने के लिए स्टारलिंक उपग्रह इंटरनेट सेवा को बढ़ावा देने का समर्थन किया है। मस्क ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'भारत के सबसे कम सेवा वाले क्षेत्रों को स्टारलिंक से सहायता मिलेगी, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में।'
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक उपयोगकर्ता 'डॉजडिजाइनर' की पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें भारत के दूरदराज के गांवों को जोड़ने के लिए स्टारलिंक की सेवाओं की आवश्यकता बताई गई थी। 'डॉजडिजाइनर' ने उल्लेख किया कि मई 2026 तक भारत के 11,256 गांवों में 4जी सेवा उपलब्ध नहीं थी। मार्च 2026 में भारत में 1.093 अरब इंटरनेट सब्सक्रिप्शन थे, जिनमें से ग्रामीण क्षेत्रों में केवल 44.087 करोड़ थे। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति 100 लोगों पर इंटरनेट सब्सक्रिप्शन घनत्व 48.31 था, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 126.80 था।
मस्क की यह टिप्पणी उस समय आई है जब स्टारलिंक ने भारत में उपग्रह संचार सेवाएं प्रदान करने के लिए नया आवेदन देने की योजना बनाई है। भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) ने पहले स्टारलिंक के जेन-2 उपग्रह नेटवर्क के आवेदन को खारिज कर दिया था, यह कहते हुए कि इसकी कुछ विशेषताएं और प्रस्तावित रेडियो फ्रीक्वेंसी भारतीय आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं थीं। जेन-2 प्रणाली में सीधे उपकरण से संपर्क की सुविधा भी शामिल है। मस्क की स्पेसएक्स द्वारा संचालित स्टारलिंक, निम्न-पृथ्वी कक्षा (एलईओ) में मौजूद उपग्रहों के माध्यम से इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करती है। कंपनी भारत में अपनी सेवाएं शुरू करने के लिए नियामकीय मंजूरी प्राप्त करने की कोशिश कर रही है।
