एलपीजी की कीमतों में संभावित वृद्धि: 1 अगस्त 2026 से नए दाम
एलपीजी की कीमतों में बदलाव की संभावना
एलपीजी की कीमतों में संभावित वृद्धि: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर भारत में एलपीजी (LPG), पीएनजी (PNG) और अन्य ईंधनों की कीमतों पर पड़ सकता है। हाल ही में अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों के बाद कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। ऐसे में, अगर स्थिति इसी तरह बनी रही, तो 1 अगस्त को एलपीजी और पीएनजी की कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, इस पर कोई आधिकारिक जानकारी अभी तक नहीं आई है।
नई कीमतें 1 अगस्त को घोषित होंगी
हर महीने की पहली तारीख को सरकारी तेल कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल (IOCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) एलपीजी सिलेंडर और ईंधन की नई कीमतें जारी करती हैं। जुलाई में भी कीमतों में संशोधन किया गया था। अब 1 अगस्त को नई दरें घोषित होंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति संबंधी समस्याओं के कारण कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि हो सकती है।
14.2 किलोग्राम LPG सिलेंडर के दाम
| शहर | दाम(₹/सिलेंडर)
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| दिल्ली | 942 |
| बैंगलोर | 944.5 |
| हैदराबाद | 994 |
| मुंबई | 941.5 |
| चेन्नई | 957.5 |
| कोलकाता | 968 |
| जयपुर | 945.5 |
| नोएडा | 939.5 |
| गुरुग्राम | 950.5 |
| चंडीगढ़ | 951.5 |
कमर्शियल (19kg) LPG सिलेंडर के दाम
| शहर | दाम(₹/सिलेंडर)
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| दिल्ली | 2,930 |
| बैंगलोर | 3,021 |
| हैदराबाद | 3,191 |
| मुंबई | 2,885.50 |
| चेन्नई | 3,106 |
| कोलकाता | 3,081.50 |
| जयपुर | 2,957.50 |
| नोएडा | 2.93 |
| गुरुग्राम | 2,947.50 |
| चंडीगढ़ | 2,954.50 |
मार्च से जून तक एलपीजी की कीमतों में वृद्धि
इस वर्ष मार्च से जून के बीच घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कई बार वृद्धि हुई है। 7 मार्च को 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की वृद्धि की गई, जिसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत 913 रुपये हो गई।
इसके बाद 7 जून को सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये और बढ़ोतरी हुई, जिससे दिल्ली में इसकी कीमत 942 रुपये पहुंच गई। इस प्रकार, साल के पहले छह महीनों में घरेलू गैस सिलेंडर की कुल कीमत में 89 रुपये की वृद्धि हुई है।
क्या अगस्त में कीमतें फिर बढ़ेंगी?
1 अगस्त को होने वाली कीमतों की समीक्षा पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों पर दबाव बना रहता है और पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता, तो एलपीजी और पीएनजी की कीमतों में वृद्धि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, अंतिम निर्णय सरकारी तेल कंपनियों की मासिक समीक्षा के बाद ही सामने आएगा।
