एशियाई शेयर बाजारों में भारी गिरावट, निवेशकों की चिंताएं बढ़ीं
शेयर बाजारों में गिरावट का कारण
शुक्रवार को एशिया के शेयर बाजारों में महत्वपूर्ण गिरावट देखी गई, जिससे वैश्विक निवेशकों की चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं। पिछले कुछ महीनों में एआई क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में लगातार वृद्धि हो रही थी, लेकिन अब बढ़ते मूल्यांकन और लागत के कारण निवेशकों का विश्वास कमजोर होता दिखाई दे रहा है। इस कारण से अधिकांश प्रमुख बाजारों में भारी बिकवाली हुई।
दक्षिण कोरिया और जापान में गिरावट
दक्षिण कोरिया का प्रमुख शेयर सूचकांक कोस्पी 8.2 प्रतिशत तक गिर गया, जिससे बाजार नियामकों को 20 मिनट के लिए प्रोग्राम आधारित कारोबार रोकना पड़ा। जापान का निक्केई सूचकांक लगभग 5 प्रतिशत लुढ़क गया। इसके अलावा, हांगकांग का हैंगसेंग 2.4 प्रतिशत, चीन का सीएसआई 300 सूचकांक 2.9 प्रतिशत और शंघाई संयुक्त सूचकांक 2 प्रतिशत से अधिक गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था।
साप्ताहिक गिरावट का रिकॉर्ड
एशिया-प्रशांत क्षेत्र का व्यापक सूचकांक भी लगभग 3.8 प्रतिशत गिर गया, जो एक वर्ष से अधिक समय की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही है। पहले इस तिमाही में इन बाजारों में शानदार तेजी देखी गई थी।
अमेरिका से शुरू हुई गिरावट
इस गिरावट की शुरुआत अमेरिका से हुई, जहां प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली हुई। विशेष रूप से एप्पल के शेयरों में 6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई, जिससे कंपनी के बाजार मूल्य में लगभग 250 अरब डॉलर की कमी आई। एप्पल ने मेमोरी चिप और स्टोरेज उपकरणों की बढ़ती लागत के कारण अपने कुछ उत्पादों की कीमतें बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है कि बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ सकता है।
निवेशकों की नई रणनीतियाँ
विशेषज्ञों का मानना है कि एआई से जुड़ी परियोजनाओं में बढ़ते निवेश, चिप निर्माण की ऊंची लागत और पूंजीगत खर्च में वृद्धि अब कंपनियों की आय को प्रभावित कर सकती हैं। इस कारण निवेशक अब केवल मजबूत आधार वाली कंपनियों में निवेश करना पसंद कर रहे हैं।
एआई और दूरसंचार कंपनियों पर दबाव
एशिया में एआई और दूरसंचार से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर सबसे अधिक दबाव देखा गया है। चीन का कृत्रिम बुद्धिमत्ता सूचकांक लगभग 5 प्रतिशत और पांचवीं पीढ़ी संचार सूचकांक 6 प्रतिशत से अधिक गिर गया। प्रकाशीय उपकरण बनाने वाली प्रमुख कंपनी झोंगजी इनोलाइट के शेयरों में भी लगभग 6 प्रतिशत की गिरावट आई है।
मुनाफावसूली का प्रभाव
तिमाही समाप्त होने से पहले कई निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे बिकवाली और तेज हो गई। हालांकि, भारी गिरावट के बावजूद दक्षिण कोरिया का कोस्पी इस तिमाही में अब भी करीब 62 प्रतिशत और जापान का निक्केई लगभग 34 प्रतिशत की बढ़त पर बना हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति
अमेरिकी वायदा बाजार में भी कमजोरी देखी गई। खबरें आई हैं कि एआई क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ओपनएआई अपनी बहुप्रतीक्षित सार्वजनिक हिस्सेदारी योजना को अगले वर्ष तक टाल सकती है, जिससे पूरे एआई क्षेत्र के मूल्यांकन को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही, लेकिन इसका सकारात्मक असर शेयर बाजार पर नहीं दिखा। इसके साथ ही, जापानी मुद्रा येन भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कई दशकों के निचले स्तर पर बनी हुई है, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है।
भविष्य की संभावनाएँ
विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट एआई क्षेत्र के अंत का संकेत नहीं है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही तेज बढ़त के बाद बाजार में स्वाभाविक सुधार का दौर है। आने वाले दिनों में कंपनियों के तिमाही नतीजे, वैश्विक आर्थिक संकेत और चिप उद्योग की लागत बाजार की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
