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ऑरैकल में बड़े पैमाने पर छंटनी: भारत और यूरोप में कर्मचारियों पर खतरा

ऑरैकल ने हाल ही में बिना किसी पूर्व सूचना के बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी है, जिसमें अमेरिका के बाद अब भारत और यूरोप में भी नौकरी जाने का खतरा है। कंपनी ने प्रदर्शन के आधार पर नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बढ़ते खर्च और रीस्ट्रक्चरिंग बजट के कारण यह कदम उठाया है। छंटनी की प्रक्रिया अचानक और कठोर रही, जिससे प्रभावित कर्मचारियों को मुआवजे के लिए दस्तावेज प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। जानें इस स्थिति का कंपनी की वित्तीय स्थिति पर क्या असर पड़ रहा है।
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ऑरैकल की छंटनी प्रक्रिया

टेक्नोलॉजी की दिग्गज कंपनी ऑरैकल ने 14 सितंबर को बिना किसी पूर्व सूचना के अपने कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी है। अमेरिका में 3,000 से 4,000 कर्मचारियों की छंटनी के बाद अब भारत और यूरोप में कार्यरत कर्मचारियों के लिए भी नौकरी जाने का खतरा मंडरा रहा है।


पुराने कर्मचारियों को भी निकाला गया

कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले और लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ते खर्च और लगभग 23,000 करोड़ रुपये के रीस्ट्रक्चरिंग बजट को इस छंटनी का मुख्य कारण माना जा रहा है।


छंटनी की प्रक्रिया का विवरण

ऑरैकल में छंटनी की प्रक्रिया बेहद कठोर और अचानक रही। जिन कर्मचारियों को निकाला गया, उन्हें सीधे किसी मैनेजर ने कॉल या संदेश नहीं किया। सुबह 4:00 बजे से कर्मचारियों का कंपनी के सिस्टम में लॉगिन बंद हो गया। इसके बाद, सुबह 5:00 से 5:30 बजे के बीच, ऑफिस चैट ऐप से कर्मचारी अपने आप लॉगआउट होने लगे।


यहां तक कि ऑफिस के गेट पर पहुंचे कर्मचारियों के एक्सेस कार्ड भी काम नहीं कर रहे थे। फिर सुबह 6:00 बजे 'ऑरैकल लीडरशिप' की ओर से एक ईमेल आया, जिसमें कहा गया कि 'कंपनी में हो रहे कुछ बड़े बदलावों के कारण आपको काम से निकाला जा रहा है और आज आपका आखिरी दिन है।'


परफॉर्मेंस रेटिंग का कोई असर नहीं

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर कर्मचारियों के फीडबैक के अनुसार, इस बार छंटनी का आधार खराब प्रदर्शन नहीं था। उदाहरण के लिए, 24 साल से कंपनी में कार्यरत एक सीनियर इंजीनियर को भी निकाला गया। HR टेक्नोलॉजी टीम के एक सदस्य को लगातार बेहतरीन रेटिंग मिलने के बावजूद निकाला गया।


ऑरैकल क्लाउड, नेटसूट, डेटा सेंटर, कस्टमर सक्सेस और ऑरैकल हेल्थ जैसी प्रमुख टीमों पर इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ा है।


भारत में छंटनी की संभावना

कंपनी ने कई कर्मचारियों के व्यक्तिगत ईमेल पते अपडेट होने से पहले ही उनके सिस्टम बंद कर दिए। इससे उन्हें मुआवजे के लिए आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। अमेरिका के बाद अब भारत के डेवलपमेंट सेंटर (IDC) में 3,000 से 4,000 नौकरियों पर असर पड़ने की संभावना है। कस्टमर सपोर्ट टीम से लगभग 30% स्टाफ कम किया जा सकता है।


भारत में निकाले जाने वाले कर्मचारियों को पिछले राउंड की तरह N+2 फॉर्मूले के तहत मुआवजा मिलने की उम्मीद है, हालांकि उनके अनवेस्टेड शेयर रद्द हो जाएंगे।


कंपनी की वित्तीय स्थिति

हालांकि कंपनी ने इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन हाल ही में प्रस्तुत कई दस्तावेजों से यह स्पष्ट है कि ऑरैकल AI और डेटा सेंटर के इंफ्रास्ट्रक्चर पर अपना बजट तेजी से बढ़ा रहा है।


कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़कर 28.5 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है, जिसके कारण फ्री कैश फ्लो नकारात्मक हो गया है। खर्चों को संतुलित करने और AI को अपनाने के लिए कंपनी अपने मौजूदा कर्मचारियों की संख्या में कमी कर रही है। पिछले एक साल में कंपनी पहले ही 21,000 से अधिक कर्मचारियों को निकाल चुकी है।