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ओयो के CEO रितेश अग्रवाल का बड़ा बयान: भारतीय कंपनियों का अमेरिका में बढ़ता प्रभाव

ओयो के CEO रितेश अग्रवाल ने न्यूयॉर्क में एक चर्चा के दौरान भारतीय कंपनियों के अमेरिका में बढ़ते प्रभाव पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियां जल्द ही अमेरिका में प्रमुख ब्रांडों की मालिक बनेंगी, जिससे भारत की वैश्विक छवि में सुधार होगा। अग्रवाल ने सरकार के स्टार्टअप को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की और भविष्य में उपभोक्ता-आधारित व्यवसायों में बड़े निवेश की उम्मीद जताई।
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ओयो के CEO रितेश अग्रवाल का बड़ा बयान: भारतीय कंपनियों का अमेरिका में बढ़ता प्रभाव

भारतीय कंपनियों का वैश्विक विस्तार

ओयो की मूल कंपनी प्रिज़्म के CEO रितेश अग्रवाल ने न्यूयॉर्क में भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा आयोजित एक चर्चा में भारत के बढ़ते वैश्विक कदमों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब भारतीय कंपनियां अमेरिका में प्रमुख ब्रांडों की मालिक बनने की दिशा में अग्रसर हैं। उनके अनुसार, इस बदलाव से भारत की वैश्विक छवि, जिसे 'सॉफ्ट पावर' कहा जाता है, केवल बॉलीवुड और आईटी सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे आगे बढ़ जाएगी।


अग्रवाल ने बताया कि भारत अब मेटा, अमेजन, एप्पल, नेटफ्लिक्स और गूगल जैसी प्रमुख अमेरिकी तकनीकी कंपनियों के लिए दूसरा सबसे बड़ा कार्यालय केंद्र बन गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से विस्तार किया है और अमेरिका में उनकी बिक्री सबसे अधिक है।


उन्होंने कहा, 'हम मोटेल सिक्स के अधिग्रहण के साथ अमेरिका में सबसे बड़े 'इकोनॉमी होटल ब्रांड' के मालिक हैं।' ओयो ने 2024 में जी6 हॉस्पिटैलिटी का अधिग्रहण 52.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर में पूरा किया, जो मोटेल 6 की मूल कंपनी है और उत्तरी अमेरिका की सबसे बड़ी स्वामित्व एवं संचालित होटल श्रृंखला है।


भारतीय ब्रांडों का भविष्य

अग्रवाल ने आगे कहा, 'मुझे विश्वास है कि भारतीय कंपनियां जल्द ही अमेरिका में बड़े ब्रांडों की मालिक बनेंगी। इसका अर्थ है कि अमेरिकी उपभोक्ता पहली बार भारतीय ब्रांडों का उपयोग करेंगे और हमारे देश की 'सॉफ्ट पावर' को बॉलीवुड और सॉफ्टवेयर सेवाओं से परे समझेंगे। यह सब प्रौद्योगिकी के माध्यम से संभव होगा।'


उन्होंने भविष्यवाणी की कि अमेरिका में उपभोक्ता-आधारित व्यवसायों में बड़े निवेश देखने को मिलेंगे, जैसा कि यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया के ब्रांड करते हैं। 'मुझे लगता है कि भारत का समय आ गया है।'


इस चर्चा में प्रिज़्म के समूह अध्यक्ष नितिन ठाकुर ने संचालन किया। इस दौरान यह भी जानकारी मिली कि प्रिज़्म को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड से 6,650 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की मंजूरी मिल गई है।


सरकार के प्रयासों की सराहना

अग्रवाल ने भारत में स्टार्टअप परिवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि भारत ने नए स्टार्टअप के लिए लगभग दो अरब डॉलर की पूंजी उपलब्ध कराई है, जो कि दुनिया के बहुत कम देशों ने किया है।


उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपनी पहली मुलाकात के बारे में कहा कि उनकी 'व्यवसाय के प्रति अनुकूलता' भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण कारक रही है।