कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट: क्या होगा भारतीय बाजार पर असर?
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
नई दिल्ली: सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट आई है। इन्वेस्टिंग डॉट कॉम के आंकड़ों के अनुसार, 'ब्रेंट क्रूड' वायदा बाजार में 5 प्रतिशत से अधिक गिरकर 87.60 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। यह गिरावट 90 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर से काफी नीचे है। क्रूड की कीमतों में 5.23 प्रतिशत की कमी आई है, जिससे यह 84.64 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है।
क्रूड ऑयल में गिरावट के कारण
पिछले हफ्ते मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी। सऊदी अरब का प्रमुख तेल निर्यात मार्ग लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के जरिए प्रभावित हुआ था, जिसके चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई थीं।
भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम
प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के रेट
वर्तमान में, देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। मुंबई में पेट्रोल 111.12 रुपये और डीजल 97.78 रुपये प्रति लीटर की दर से उपलब्ध है। कोलकाता में पेट्रोल 113.43 रुपये और डीजल 99.78 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। चेन्नई में पेट्रोल 107.75 रुपये और डीजल 99.57 रुपये प्रति लीटर के भाव हैं। दक्षिण भारत के बेंगलुरु में पेट्रोल 110.93 रुपये और डीजल 98.79 रुपये, जबकि हैदराबाद में पेट्रोल 115.69 रुपये और डीजल 103.82 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर हैं.
भारतीय उपभोक्ताओं पर प्रभाव
भारतीय बाजार और उपभोक्ताओं पर असर
हालांकि, वैश्विक बाजार में आई इस गिरावट का भारतीय उपभोक्ताओं पर तुरंत कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। भारतीय तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के पास जो कच्चा तेल का स्टॉक है, वह पुरानी दरों या पूर्व निर्धारित आयातों से संबंधित है। भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरतों का 85% से अधिक हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट देश की अर्थव्यवस्था, चालू खाता घाटे और महंगाई दर को नियंत्रित करने में मददगार साबित हो सकती है। यदि वैश्विक स्तर पर क्रूड की कीमतें लंबे समय तक इसी स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दामों में कमी संभव है।
