कर्मयोगी भारत और ओपनएआई का सहयोग: सिविल सेवाओं में एआई का उपयोग बढ़ाने की दिशा में कदम
कर्मयोगी भारत और ओपनएआई का नया सहयोग
कर्मयोगी भारत, एक सार्वजनिक क्षेत्र की गैर-लाभकारी संस्था, ने ओपनएआई के साथ मिलकर भारत की सिविल सेवाओं में क्षमता विकास को बढ़ावा देने के लिए एक साझेदारी की घोषणा की है। इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का आत्मविश्वास के साथ उपयोग करने में सहायता करना है, ताकि वे जनसेवाओं के परिणामों को बेहतर बना सकें। कर्मयोगी भारत आईजीओटी कर्मयोगी मंच का संचालन करती है, जो सिविल सेवा के अधिकारियों को उनकी दक्षता बढ़ाने के लिए कहीं भी और कभी भी सीखने की सुविधा प्रदान करता है।
एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस सहयोग के तहत ओपनएआई अकादमी के क्षमता विकास संबंधी संसाधनों को आईजीओटी कर्मयोगी के शिक्षण तंत्र में शामिल किया जाएगा। इससे केंद्र और राज्य स्तर पर सरकारी कर्मचारियों को इन संसाधनों तक पहुंच प्राप्त होगी। यह पहल ‘मिशन कर्मयोगी’ के उद्देश्यों के अनुरूप पेशेवर और अच्छी तरह प्रशिक्षित सिविल सेवा के निर्माण में सहायक होगी। कर्मयोगी भारत की सीईओ छवि भारद्वाज ने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी शासन के तरीकों को बदल रही है। ऐसे में सिविल सेवकों को व्यावहारिक कौशल की आवश्यकता है, जिसका वे अपने दैनिक कार्यों में उपयोग कर सकें।
हम ओपनएआई अकादमी के संसाधनों को आईजीओटी कर्मयोगी पर उपलब्ध कराकर सरकारी कर्मचारियों को एआई का आत्मविश्वास के साथ उपयोग करने, जिम्मेदारी से इसका इस्तेमाल करने और नई क्षमताओं के माध्यम से जनसेवाओं के परिणामों को बेहतर बनाने में मदद करना चाहते हैं।’’
ओपनएआई इंडिया में रणनीति एवं सरकारी मामलों की प्रमुख प्रज्ञा मिश्रा ने कहा कि भारत में एआई के अवसर इस बात पर निर्भर करेंगे कि लोग और संस्थान प्रौद्योगिकी तक कितनी पहुंच रखते हैं और इसे प्रभावी ढंग से कैसे उपयोग करते हैं।
छवि ने कहा, ‘‘यह सहयोग क्षमता विकास को सरकार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप बनाए रखने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार सिविल सेवा के मिशन कर्मयोगी के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।’’
