Newzfatafatlogo

कृषि मंत्री ने सूखा और चक्रवात से निपटने के लिए ठोस रणनीति बनाने का दिया निर्देश

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सूखा, चक्रवात और अनियमित बारिश से निपटने के लिए ठोस रणनीति तैयार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने किसानों की समस्याओं का संवेदनशीलता से समाधान करने और राहत कार्यों में देरी न करने की बात कही। बैठक में खरीफ फसलों की कटाई और रबी की बुवाई की स्थिति की समीक्षा की गई। मंत्री ने किसानों को कम पानी वाली फसलों के लिए प्रोत्साहित करने और जलवायु अनुकूल बीजों की उपलब्धता पर जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।
 | 

कृषि मंत्री का निर्देश

नई दिल्ली, 2 नवंबर - कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को मंत्रालय के अधिकारियों को सूखा, चक्रवात और अनियमित बारिश के प्रभावों से निपटने के लिए एक ठोस योजना तैयार करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। यह निर्देश चौहान ने खरीफ फसलों की कटाई और रबी की बुवाई की स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में दिया।


बैठक में शामिल अधिकारी

बैठक में केंद्रीय कृषि सचिव अतिश चंद्रा और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। एक सरकारी बयान के अनुसार, देशभर में खरीफ फसलों की कटाई जारी है, जिसमें मूंग और सोयाबीन जैसी प्रमुख फसलों की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है।


रबी फसलों की बुवाई में तेजी

मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि खरीफ फसलों की कटाई के तुरंत बाद मिट्टी में बची नमी का अधिकतम उपयोग करते हुए रबी की बुवाई में तेजी लाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सिंचाई के पानी की सीमित उपलब्धता वाले क्षेत्रों में किसानों को कम पानी और कम लागत वाली फसलों जैसे चना, सरसों, मसूर और मोटे अनाज उगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, तापमान में उतार-चढ़ाव को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों द्वारा विकसित जलवायु अनुकूल और गर्मी सहन करने वाली बीज किस्में किसानों को उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।


उर्वरकों और बीजों की उपलब्धता

समीक्षा में यह पाया गया कि रबी सत्र के लिए यूरिया, डीएपी, एमओपी और एनपीके उर्वरकों के साथ प्रमाणित बीजों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। बयान के अनुसार, राज्यों के साथ समन्वय कर जिला स्तर तक आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। मंडियों में फसलों की कीमतों के विश्लेषण से पता चला कि धान, गेहूं, मक्का, चना, मसूर, अरहर, सोयाबीन और सरसों जैसी प्रमुख फसलों के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी ऊपर चल रहे हैं।


किसानों के लिए आर्थिक सहायता

इससे किसानों को बेहतर दाम मिल रहे हैं। अत्यधिक बारिश और बाढ़ से प्रभावित किसानों के साथ-साथ सूखे की मार झेल रहे कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के किसानों का उल्लेख करते हुए चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हर किसान के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष (एनडीआरएफ) के तहत फसल नुकसान का आकलन तेजी से करने और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत दावों का निपटारा जल्द करने का निर्देश दिया, ताकि किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।


आगामी चक्रवाती बारिश की तैयारी

उन्होंने आकस्मिक कार्ययोजना के तहत आगामी चक्रवाती बारिश से मिट्टी में होने वाली नमी का उपयोग रबी फसलों की बुवाई के लिए करने को भी कहा। चौहान ने यह भी बताया कि वह हर सप्ताह व्यक्तिगत रूप से स्थिति की समीक्षा करेंगे और जरूरत पड़ने पर किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकारों तथा मुख्यमंत्रियों से सीधे बातचीत करेंगे।