केंद्र सरकार का दिवाली से पहले कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ा तोहफा
महंगाई भत्ते और राहत में वृद्धि
केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दिवाली के अवसर पर एक महत्वपूर्ण उपहार दिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) और पेंशनभोगियों की महंगाई राहत (डीआर) में तीन प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी है। इस निर्णय से लगभग 1.17 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ होगा।
मंत्रिमंडल की घोषणा
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले को ‘दिवाली का तोहफा’ करार दिया। आधिकारिक बयान के अनुसार, यह वृद्धि एक जुलाई, 2026 से प्रभावी होगी, जिसका अर्थ है कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को इसका लाभ जुलाई से प्राप्त होगा।
महंगाई भत्ते में वृद्धि
इस वृद्धि के बाद, केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता उनके मूल वेतन के 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा। इसी प्रकार, पेंशनभोगियों की महंगाई राहत भी मूल पेंशन के 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगी। इस फैसले से लगभग 48.54 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68.71 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा।
सरकारी खजाने पर प्रभाव
इस प्रकार, कुल लाभार्थियों की संख्या 1.17 करोड़ से अधिक है। महंगाई भत्ते और राहत में वृद्धि से सरकारी खजाने पर सालाना 10,016.10 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सरकार ने बताया कि यह वृद्धि सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार की गई है।
महंगाई से राहत का उद्देश्य
महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों को बढ़ती कीमतों के प्रभाव से राहत देने के लिए प्रदान किया जाता है। इसी तरह, पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को महंगाई से राहत देने के लिए महंगाई राहत दी जाती है। इन दोनों में वृद्धि का उद्देश्य बढ़ती कीमतों के कारण कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की खर्च करने की क्षमता पर पड़ने वाले प्रभाव को संतुलित करना है।
