केंद्रीय कर्मचारियों के लिए वेतन में ऐतिहासिक वृद्धि की संभावना: 8वें वेतन आयोग की बैठकें जारी
नई दिल्ली में वित्तीय बदलावों का संकेत
नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आने वाले समय में महत्वपूर्ण वित्तीय परिवर्तनों की संभावना है। 8वें वेतन आयोग की बैठकें चल रही हैं, जिसमें फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने की मांग पर चर्चा हो रही है। यदि सरकार इस मांग को स्वीकार करती है, तो 50 लाख से अधिक कार्यरत कर्मचारियों के वेतन में ऐतिहासिक वृद्धि होगी, और लगभग 69 लाख पेंशनर्स की मासिक आय में भी बड़ा उछाल आएगा। कर्मचारियों का मानना है कि मौजूदा महंगाई और जीवन स्तर के खर्च को देखते हुए यह संशोधन आवश्यक हो गया है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लेने में कुछ समय लगेगा, क्योंकि 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशें मई-जून 2027 तक प्रस्तुत होने की संभावना है।
फिटमेंट फैक्टर की मांग
चंडीगढ़ में 16 से 18 सितंबर के बीच महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिसमें अखिल भारतीय पेंशनभोगी संघ, NC-JCM, AIDEF और नई पेंशन योजना कर्मचारी संघ ने फिटमेंट फैक्टर को 3.833 तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।
कर्मचारियों का कहना है कि महंगाई और बढ़ते खर्च को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव आवश्यक है। इससे DA, HRA और अन्य भत्तों के साथ कर्मचारियों की कुल टेक-होम सैलरी में भी महत्वपूर्ण वृद्धि हो सकती है।
वेतन गणना का गणित
फिटमेंट फैक्टर वह मुख्य गुणांक है, जिसका उपयोग पुराने बेसिक पे को नए संशोधित बेसिक पे में बदलने के लिए किया जाता है। इसका सीधा नियम है कि वर्तमान मूल वेतन को निर्धारित फिटमेंट फैक्टर से गुणा किया जाता है। 7वें वेतन आयोग के लागू होने के समय यह 2.57 निर्धारित किया गया था, जिससे कर्मचारियों का न्यूनतम बेसिक पे ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हो गया था। यदि 8वें वेतन आयोग में इसे 3.83 किया जाता है, तो यह पिछले संशोधन से लगभग 1.26 गुना अधिक वृद्धि होगी।
51,000 तक बढ़ सकती है सैलरी
लेवल-1 के कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर ₹68,940 तक पहुंच जाएगी। इसका मतलब है कि केवल मूल वेतन में ही ₹50,940 की सीधी वृद्धि होगी। लेवल-2 का मूल वेतन ₹19,900 से बढ़कर ₹76,217 हो जाएगा। लेवल-3 के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी ₹21,700 से बढ़कर ₹83,111 और लेवल-4 में यह ₹25,500 से बढ़कर ₹97,665 तक पहुंच जाएगी। उच्च स्तर के पदों के लिए, लेवल-5 में यह राशि ₹29,200 से ₹1,11,836 और लेवल-6 में ₹35,400 से बढ़कर ₹1,35,582 हो जाएगी। वहीं, लेवल-10 के अधिकारियों का मूल वेतन ₹56,100 से सीधे ₹2,14,863 तक पहुंच जाएगा।
पेंशनभोगियों के लिए राहत
वेतन वृद्धि के साथ-साथ यह कदम रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए भी राहत की खबर लाएगा। यदि 3.833 का फिटमेंट फैक्टर मान्य होता है, तो ₹25,000 की मासिक पेंशन पाने वाले पेंशनभोगी की पेंशन बढ़कर ₹95,750 हो जाएगी। इस निर्णय का सीधा प्रभाव 69 लाख से अधिक पेंशनर्स की आर्थिक स्थिति पर सकारात्मक रूप से पड़ेगा। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लेने में कुछ समय लगेगा, क्योंकि 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशें मई-जून 2027 तक प्रस्तुत होने की संभावना है।
