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कैग की भूमिका में वृद्धि: पारदर्शिता की मांग और जटिलता का सामना

नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक संजय मूर्ति ने हाल ही में एक सम्मेलन में बताया कि सरकारें जटिल माहौल में काम कर रही हैं, जहां नागरिक अधिक पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। इस संदर्भ में सर्वोच्च लेखापरीक्षा संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। सम्मेलन में 2026 की कार्य योजना और मौद्रिक, पर्यावरणीय परिणामों पर चर्चा की गई। जानें इस सम्मेलन में और क्या बातें हुईं।
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कैग सम्मेलन में पारदर्शिता की आवश्यकता

नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) के संजय मूर्ति ने सोमवार को बताया कि वर्तमान में सरकारें एक जटिल वातावरण में कार्य कर रही हैं, जहां नागरिक अधिक पारदर्शिता की उम्मीद कर रहे हैं। इस संदर्भ में, सर्वोच्च लेखापरीक्षा संस्थानों (एसएआई) की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। मूर्ति ने यह बात अनुवर्ती लेखापरीक्षा पर इनटोसाई कार्य समूह के दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान कही। इस सम्मेलन में 2025 में मलेशिया के पेनांग में हुई पहली बैठक की प्रगति की समीक्षा की जा रही है, साथ ही 2026 की कार्य योजना पर चर्चा हो रही है।


मूर्ति ने कहा कि आज की सरकारें डिजिटल परिवर्तन, जलवायु परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के संदर्भ में एक तेजी से जटिल वातावरण में कार्य कर रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि नागरिक अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और सार्वजनिक सेवाओं के प्रभावी वितरण की अपेक्षा कर रहे हैं। कैग ने कहा, 'इस बदलते परिदृश्य में, सर्वोच्च लेखापरीक्षा संस्थानों (एसएआई) की भूमिका का विस्तार हुआ है।'


जहां अनुपालन और वित्तीय जवाबदेही महत्वपूर्ण बनी हुई है, वहीं विधायिका और नागरिक यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सार्वजनिक व्यय से इच्छित परिणाम प्राप्त हों और ऑडिट सिफारिशों को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए।