कोका-कोला की बॉटलिंग कंपनी एसएलएमजी बेवरेजेज का 20,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य
एसएलएमजी बेवरेजेज का विकास लक्ष्य
भारत में कोका-कोला की सबसे बड़ी बॉटलिंग कंपनी, एसएलएमजी बेवरेजेज, अगले पांच वर्षों में अपने कारोबार को 20,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाने की योजना बना रही है। कंपनी ने अगले तीन से चार वर्षों में एक प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने का भी विचार किया है। यह जानकारी कंपनी के संयुक्त प्रबंध निदेशक परितोष लधानी ने मंगलवार को साझा की।
बाजार में मजबूत उपस्थिति
लखनऊ स्थित एसएलएमजी बेवरेजेज की उत्तर प्रदेश और बिहार में एक मजबूत बाजार उपस्थिति है। कंपनी भारत में बढ़ती खपत के अवसरों का लाभ उठाने के साथ-साथ विदेशी बाजारों में भी विस्तार की संभावनाएं तलाश रही है। लधानी ने एक साक्षात्कार में कहा, "हम अगले पांच वर्षों में कम से कम 20,000 करोड़ रुपये का कारोबार हासिल करने का लक्ष्य रखते हैं।"
वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा
एसएलएमजी बेवरेजेज, जो दुनिया की शीर्ष 15 कोका-कोला बॉटलिंग कंपनियों में शामिल है, का उद्देश्य अगले पांच वर्षों में वैश्विक स्तर पर शीर्ष 10 में स्थान बनाना है। इसके अलावा, कंपनी अगले 10 वर्षों में दुनिया की शीर्ष पांच बॉटलिंग कंपनियों में शामिल होने की योजना बना रही है। वर्तमान में, कंपनी का सकल कारोबार लगभग 9,000 करोड़ रुपये है।
विकास की गति
लधानी ने बताया कि अगले वर्ष तक कंपनी का कारोबार 10,000 करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद है। कंपनी ने अगले तीन वर्षों में कारोबार को 15,000 करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि कंपनी वर्तमान में दो अंकों की वृद्धि दर से आगे बढ़ रही है।
निवेश और विस्तार योजनाएं
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी के कारोबार में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि पिछले चार वर्षों में इसकी वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) 20 प्रतिशत से अधिक रही है। लधानी ने कहा, "हम कारोबार की वृद्धि को लेकर बेहद आशान्वित हैं।" विस्तार योजनाओं के तहत, कंपनी ने बिहार के बक्सर में अपनी इकाई में लगभग 1,200 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
नई बॉटलिंग इकाइयाँ
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में प्रस्तावित संयंत्र का निर्माण शुरू हो चुका है, जिसमें लगभग 1,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। लधानी ने बताया कि कंपनी ने उत्तर प्रदेश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में बॉटलिंग संयंत्र स्थापित करने के लिए भूमि भी खरीद ली है। इन संयंत्रों का निर्माण जल्द ही शुरू होगा।
भविष्य की योजनाएं
इसके अलावा, बिहार में दूसरा संयंत्र 2027 के बाद स्थापित किया जाएगा। कंपनी ने उत्तर प्रदेश और बिहार में 5,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी, और लधानी ने कहा कि कंपनी अगले तीन वर्षों में इस निवेश को पार कर जाएगी। उन्होंने कहा कि विस्तार योजनाओं का उद्देश्य उत्तर प्रदेश और बिहार में पेय पदार्थों की बढ़ती मांग को पूरा करना है।
बॉटलिंग क्षमता में वृद्धि
एसएलएमजी बेवरेजेज की मौजूदा बॉटलिंग क्षमता लगभग 35,000 बोतल प्रति मिनट है। कंपनी अगले पांच वर्षों में इसमें 10,000 बोतल प्रति मिनट की अतिरिक्त क्षमता जोड़ने की योजना बना रही है। लधानी ने कहा कि यदि कारोबार में वृद्धि की वर्तमान रफ्तार जारी रहती है, तो अगले 10 वर्षों में कंपनी की बॉटलिंग क्षमता एक लाख बोतल प्रति मिनट तक पहुंच सकती है।
