कोटक महिंद्रा बैंक का लाभ 26% बढ़ा, तिमाही में 5,645 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा
कोटक महिंद्रा बैंक की वित्तीय स्थिति
कोटक महिंद्रा बैंक ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2026) में 5,645 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 26 प्रतिशत अधिक है।
बैंक ने शनिवार को अपनी निदेशक मंडल की बैठक के बाद वित्तीय परिणामों की घोषणा की। तिमाही के दौरान एकल आधार पर शुद्ध मुनाफा 4,212 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 29 प्रतिशत अधिक है। परिचालन व्यय में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 5,271 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
इस तिमाही में बैंक ने एफसीएनआर (बी) के तहत लगभग 55,344 करोड़ रुपये की जमा राशि प्राप्त की और अपनी अंतरराष्ट्रीय शाखाओं के माध्यम से 16,110 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए। ब्याज से प्राप्त शुद्ध आय सालाना आधार पर 16 प्रतिशत बढ़कर 8,459 करोड़ रुपये हो गई। शुल्क और सेवाओं से प्राप्त आय में भी 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 2,926 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
हालांकि, नेट इंटरेस्ट मार्जिन 4.31 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष की दूसरी तिमाही में 4.54 प्रतिशत से कम है। इसका मुख्य कारण एफसीएनआर (बी) जमा राशि की बड़ी मात्रा है। फंड की लागत 4.52 प्रतिशत रही, जबकि पिछले वर्ष यह 4.70 प्रतिशत थी।
तिमाही के दौरान बैंक ने कुल 803 करोड़ रुपये का प्रावधान किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत कम है। तिमाही के अंत में बैंक द्वारा दिया गया शुद्ध ऋण 25 प्रतिशत बढ़कर 5,77,295 करोड़ रुपये हो गया।
बैंक की कुल जमा राशि 23 प्रतिशत बढ़कर 6,51,491 करोड़ रुपये हो गई। औसत कुल जमा राशि 19 प्रतिशत बढ़कर 6,06,234 करोड़ रुपये हो गई। चालू खातों में औसत जमा 17 प्रतिशत बढ़कर 82,026 करोड़ रुपये और बचत खातों में औसत जमा 1,29,731 करोड़ रुपये हो गया।
बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) का अनुपात एक साल पहले के 1.39 प्रतिशत से घटकर 1.04 प्रतिशत रह गया, जबकि शुद्ध एनपीए का अनुपात 0.32 प्रतिशत से घटकर 0.24 प्रतिशत हो गया।
