कोयले से गैस उत्पादन: भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम
कोयले से गैस बनाने की आवश्यकता
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने हाल ही में एक कार्यक्रम में बताया कि कोयले से गैस का उत्पादन देश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह कदम आयात पर निर्भरता को कम करने में सहायक होगा।
रेड्डी ने सतही कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं के लिए प्रोत्साहन योजना के तहत कहा कि इन परियोजनाओं में निवेश से भारत में सिनगैस, मेथनॉल, हाइड्रोजन, एथेनॉल, यूरिया और विमानन ईंधन जैसे उत्पादों का घरेलू उत्पादन संभव हो सकेगा।
आयात पर निर्भरता कम करने के लाभ
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में इन उत्पादों का अधिकांश भाग आयात किया जाता है, लेकिन कोयला गैसीकरण के माध्यम से इनका उत्पादन देश में बढ़ाया जा सकता है। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और आयात पर निर्भरता में कमी आएगी।
इससे उर्वरक, इस्पात, रसायन, परिवहन और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों में नई औद्योगिक मूल्य श्रृंखलाओं का विकास भी संभव होगा।
कार्यक्रम में शामिल प्रमुख व्यक्ति
इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, कोयला मंत्रालय के सचिव विक्रम देव दत्त, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, कोयला क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधि, उद्योग जगत के नेता, प्रौद्योगिकी प्रदाता, निवेशक और अन्य हितधारक शामिल हुए।
