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क्या UPI ट्रांजैक्शन पर लगेंगे चार्ज? जानें सरकार का नया बयान

भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि UPI के माध्यम से P2P ट्रांजैक्शन हमेशा मुफ्त रहेंगे। हालांकि, कुछ विशेष मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मामूली शुल्क लागू हो सकता है। वित्त मंत्रालय ने यह जानकारी लोकसभा में हाल ही में पारित बिल के बाद दी है। कांग्रेस ने इस पर चिंता जताई है कि शुल्क अंततः ग्राहकों पर पड़ेगा। जानें इस विषय में और क्या कहा गया है और इसके संभावित प्रभाव क्या हो सकते हैं।
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सरकार का स्पष्ट संदेश: UPI ट्रांजैक्शन रहेंगे मुफ्त


नई दिल्ली: भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि UPI के माध्यम से पैसे भेजने पर आम जनता पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। शनिवार को वित्त मंत्रालय ने जानकारी दी कि पर्सन-टू-पर्सन (P2P) UPI ट्रांजैक्शन पूरी तरह से मुफ्त रहेंगे। हालांकि, कुछ विशेष मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर भविष्य में मामूली मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू हो सकता है।


यूजर्स को कोई शुल्क नहीं, अधिकांश मर्चेंट भी रहेंगे फ्री

सरकार का यह बयान लोकसभा द्वारा 'पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007' में संशोधन के बिल के पारित होने के एक दिन बाद आया है। इस बिल के तहत सरकार को बैंकों और पेमेंट कंपनियों को UPI पर शुल्क लगाने की अनुमति मिलेगी। वित्त मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि यूजर्स को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि P2P ट्रांजैक्शन हमेशा मुफ्त रहेंगे।


अधिकांश मर्चेंट पेमेंट पर भी कोई शुल्क नहीं लगेगा। यदि MDR लागू किया गया, तो यह केवल कुछ विशेष मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर होगा, जो एक निश्चित सीमा से अधिक होंगे। यह शुल्क कार्ड पेमेंट पर लगने वाले MDR की तुलना में काफी कम होगा। सरकार ने स्पष्ट किया कि यह चार्ज थ्रेशोल्ड आधारित होगा, यानी सभी UPI पेमेंट पर एक साथ लागू नहीं होगा।


सरकार PSS एक्ट में संशोधन का कारण

सरकार के अनुसार, यह बदलाव UPI को दीर्घकालिक टिकाऊ और सुरक्षित बनाए रखने के लिए आवश्यक है। UPI पर प्रतिदिन करोड़ों ट्रांजैक्शन होते हैं, और इसे संचालित करने के लिए साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी रोकने और तकनीकी उन्नयन में निरंतर बड़ा निवेश आवश्यक है।


मंत्रालय ने कहा कि केवल सब्सिडी के आधार पर UPI को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। अधिक कंपनियों को इस क्षेत्र में लाने और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए एक स्वायत्त राजस्व मॉडल बनाना आवश्यक है। सरकार का उद्देश्य पेमेंट सिस्टम को मजबूत, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार करना है।


कांग्रेस ने उठाए सवाल, कहा चार्ज ग्राहकों पर पड़ेगा

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस बिल पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का आश्वासन या ट्वीट कानूनी गारंटी नहीं हो सकता। रमेश के अनुसार, भले ही MDR मर्चेंट से लिया जाए, लेकिन दुकानदार इसे महंगाई या अन्य कीमतों के माध्यम से ग्राहकों पर डाल देते हैं।


उन्होंने कहा कि इसमें छोटे दुकानदार, किराना और रेहड़ी वाले भी शामिल हैं, जो UPI को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फिलहाल, सरकार ने आश्वासन दिया है कि आम यूजर्स के लिए UPI मुफ्त रहेगा। अब देखना होगा कि MDR लागू होने पर इसका बाजार पर क्या प्रभाव पड़ता है।