क्या बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? जानें आज की कीमतें और बाजार की स्थिति
पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर नजर
नई दिल्ली: भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर लोगों की नजरें हमेशा तेल कंपनियों द्वारा जारी किए जाने वाले नए रेट्स पर रहती हैं। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियां हर सुबह 6 बजे नई कीमतें घोषित करती हैं। इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई है, जिससे तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ रहा है। हालांकि, अभी तक पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई नई वृद्धि नहीं की गई है।
कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि की चिंता
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर तेल कंपनियों की लागत पर पड़ता है। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव की संभावना बनी रहती है। फिलहाल कंपनियों ने ग्राहकों को राहत देते हुए मौजूदा कीमतों में कोई नया इजाफा नहीं किया है।
मई में हुई थी कीमतों में वृद्धि
पिछले महीने मई में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कई बार वृद्धि देखी गई थी। उस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव लगभग 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। लगातार बढ़ोतरी के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गई थीं।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल की कीमतें
राज्यों में विभिन्न टैक्स और स्थानीय शुल्क के कारण पेट्रोल की कीमतें भिन्न होती हैं। वर्तमान में नई दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये, मुंबई में 111.21 रुपये, कोलकाता में 113.51 रुपये और चेन्नई में 107.76 रुपये प्रति लीटर है।
गुरुग्राम में पेट्रोल 102.97 रुपये, नोएडा में 101.77 रुपये, बेंगलुरु में 110.97 रुपये और चंडीगढ़ में 102.20 रुपये प्रति लीटर है। हैदराबाद में इसकी कीमत 115.73 रुपये और पटना में 113.81 रुपये प्रति लीटर बताई गई है।
डीजल की वर्तमान कीमतें
नई दिल्ली में डीजल की कीमत 95.20 रुपये, मुंबई में 97.83 रुपये और कोलकाता में 99.82 रुपये प्रति लीटर है। चेन्नई में डीजल 97.83 रुपये, गुरुग्राम में 95.64 रुपये और नोएडा में 95.26 रुपये प्रति लीटर है। बेंगलुरु में डीजल 98.80 रुपये, चंडीगढ़ में 89.47 रुपये, हैदराबाद में 103.86 रुपये और लखनऊ में 95.36 रुपये प्रति लीटर है।
तेल कंपनियों पर बढ़ता दबाव
कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहने से घरेलू तेल कंपनियों के लाभ पर दबाव पड़ सकता है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि जारी रहती है, तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर असर पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
