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क्या भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिर से बढ़ेंगी? जानें ताजा हालात

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के बावजूद, भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। जानें प्रमुख शहरों में वर्तमान कीमतें और क्या भविष्य में दाम बढ़ सकते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, कंपनियों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है, जिससे कीमतों में बदलाव की संभावना बनी हुई है।
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पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता


नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हाल ही में काफी वृद्धि हुई है, लेकिन आम जनता को अभी राहत मिली हुई है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब पर हमलों के कारण क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। इसके बावजूद, इंडियन ऑयल, एचपी और भारत पेट्रोलियम जैसी कंपनियों ने आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। तेल कंपनियां हर सुबह 6 बजे नई कीमतों की घोषणा करती हैं।


यह ध्यान देने योग्य है कि तेल कंपनियों ने मई में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की थी, और तब से दाम लगभग स्थिर बने हुए हैं। मई में चार बार कीमतें बढ़ाई गई थीं, जिसके परिणामस्वरूप घरेलू स्तर पर दाम 7.5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गए थे। यह 2022 के बाद से सबसे बड़ी वृद्धि थी।


भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल की कीमतें

बड़े शहरों में पेट्रोल की कीमतें इस प्रकार हैं: दिल्ली में 102.12 रुपये, मुंबई में 111.21 रुपये, कोलकाता में 113.51 रुपये और चेन्नई में 107.76 रुपये प्रति लीटर। हैदराबाद में यह 115.73 रुपये और तिरुअनंतपुरम में 115.49 रुपये के आसपास है। गुरुग्राम, नोएडा और चंडीगढ़ जैसे शहरों में भी दाम 100 से 103 रुपये के बीच हैं।


डीजल की कीमतें भी स्थिर

डीजल की कीमतों पर नजर डालें तो दिल्ली में यह 95.20 रुपये, मुंबई में 97.83 रुपये और कोलकाता में 99.82 रुपये प्रति लीटर है। हैदराबाद में डीजल की कीमत 103.86 रुपये है, जबकि चंडीगढ़ में यह सबसे सस्ता 89.47 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है।


क्या कीमतें फिर बढ़ सकती हैं?

हालांकि कीमतों में वृद्धि के कोई स्पष्ट संकेत नहीं हैं, लेकिन यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें कम नहीं होती हैं, तो तेल कंपनियों पर दाम बढ़ाने का दबाव बढ़ सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, कंपनियों को वर्तमान में पेट्रोल पर लगभग 5 रुपये और डीजल पर 23 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। अमेरिका से मिली छूट के बाद, भारत ने रूस से कच्चा तेल खरीदना फिर से शुरू किया है, जिससे पिछले कुछ महीनों में रूसी तेल का आयात बढ़ा है।