खाद्य तेलों के आयात शुल्क में कमी से बाजार में गिरावट
खाद्य तेलों की कीमतों में गिरावट का कारण
पिछले सप्ताह सरकार ने खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में कमी की, जिसका प्रभाव बाजार में स्पष्ट रूप से देखा गया। अधिकांश तेलों, जैसे मूंगफली, सोयाबीन, पामोलीन और बिनौला के दाम में गिरावट आई। हालांकि, सरसों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा क्योंकि इसका कोई विकल्प नहीं है।
सरसों तेल की उपलब्धता कम होने के कारण, इसकी मांग बनी रही, जिससे पिछले सप्ताह सरसों तेल के दाम में सुधार हुआ। सूत्रों के अनुसार, सोयाबीन तेल की कीमतों में सामान्यतः गिरावट आई, लेकिन सोयाबीन डीगम तेल की कीमतों में वृद्धि हुई। यह आयात शुल्क में कमी के कारण हुआ, जिससे आयातक अब इसे लागत से कम दाम पर बेच रहे हैं।
आयात शुल्क में कमी का प्रभाव
पहले सोयाबीन डीगम तेल की बिक्री लागत से 10-11 रुपये कम होती थी, लेकिन अब यह केवल 3-4 रुपये कम पर बेचा जा रहा है। आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने सूरजमुखी तेल के आयात शुल्क को 16.5 प्रतिशत से घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया। इसी तरह, सोयाबीन डीगम और कच्चे पामतेल पर भी आयात शुल्क में कमी की गई।
इसका मतलब है कि सूरजमुखी तेल के आयात शुल्क में 14.80 रुपये प्रति किलो की कमी आई है। सोयाबीन डीगम पर आयात शुल्क में 6.75 रुपये प्रति किलो और सीपीओ पर 6.50 रुपये प्रति किलो की कमी आई है।
बाजार में अन्य तेलों की स्थिति
सोयाबीन डीगम पर शुल्क में कमी का असर सोयाबीन दाना और लूज पर भी पड़ा है। हालांकि, इसकी बिक्री लागत से कम हो रही है, जिससे बाजार में सुधार की स्थिति बनी हुई है। सूरजमुखी के आयात शुल्क में कमी के कारण मूंगफली तेल की कीमतों में भी गिरावट आई है।
बिनौला की नई फसल की आवक और आयात शुल्क में कमी के कारण बिनौला तेल की कीमतों में भी गिरावट आई। पिछले सप्ताह सरसों दाना 100 रुपये की वृद्धि के साथ 8,250-8,300 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।
मूंगफली और पाम तेल की कीमतों में गिरावट
दिल्ली में सोयाबीन तेल की कीमत 150 रुपये की गिरावट के साथ 15,150 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुई। दूसरी ओर, सोयाबीन डीगम तेल में 450 रुपये का सुधार हुआ। मूंगफली तिलहन का दाम 175 रुपये की गिरावट के साथ 7,550-8,000 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।
सीपीओ तेल की कीमत में 525 रुपये की गिरावट आई, जिससे यह 13,450 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। नई फसल की आवक के कारण बिनौला तेल की कीमत में भी 700 रुपये की गिरावट आई।
