गुरुवार को शेयर बाजार में गिरावट, निवेशकों को हुआ बड़ा नुकसान
मुंबई में निवेशकों के लिए निराशाजनक दिन
मुंबई: गुरुवार का कारोबारी दिन निवेशकों के लिए काफी निराशाजनक साबित हुआ। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कमजोर बाजार धारणा के चलते प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बना रहा। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद, बाजार लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ बंद हुआ, जिससे निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी आई।
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
गुरुवार को सेंसेक्स 363 अंक गिरकर 76,391 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 126 अंक की कमी के साथ 23,869 पर आ गया। बैंक निफ्टी, मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी कमजोरी देखी गई। कारोबार के दौरान, निफ्टी ने 23,807 का निचला और 23,990 का ऊपरी स्तर छुआ, लेकिन 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर को पार नहीं कर सका। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर 476.88 लाख करोड़ रुपये रह गया, जिससे निवेशकों को लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
बाजार पर दबाव के कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी-ईरान तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 98 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। इसके अलावा, रुपये की कमजोरी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार की स्थिति को और खराब कर दिया। कैश मार्केट में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 819 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी 418 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। लगभग तीन महीनों के बाद, दोनों श्रेणियों के निवेशकों ने एक साथ बिकवाली की है।
बाजार में हलचल वाले शेयर
निफ्टी-50 में अडानी एंटरप्राइजेज, श्रीराम फाइनेंस, नेस्ले और अडानी पोर्ट्स सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। दूसरी ओर, बजाज ऑटो, एसबीआई लाइफ, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टीसीएस ने बढ़त दर्ज की। तिमाही नतीजों के बाद टैनला प्लेटफॉर्म्स के शेयर में 11 प्रतिशत से अधिक तेजी आई, जबकि एनटीपीसी ग्रीन और उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयर भी मजबूत बंद हुए। वहीं, इंडसइंड बैंक के शेयर में तेज गिरावट देखी गई।
भविष्य के स्तरों पर बाजार की नजर
तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। उनके अनुसार, निफ्टी के लिए 23,800 का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। यदि यहां से रिकवरी होती है, तो 24,150 और उसके बाद 24,220 के स्तर महत्वपूर्ण प्रतिरोध साबित हो सकते हैं। निवेशकों को फिलहाल वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और रुपये की चाल पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।
