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घरेलू शेयर बाजार में गिरावट, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का असर

सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में गिरावट आई, जिसमें बीएसई सेंसेक्स 307 अंक और एनएसई निफ्टी 95 अंक नीचे आया। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और वैश्विक बाजारों की कमजोरी ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। एचडीएफसी बैंक के सीईओ ने पुनर्नियुक्ति का विकल्प नहीं चुनने की घोषणा की, जबकि अदाणी पोर्ट्स में सबसे अधिक गिरावट देखी गई। जानें और क्या है बाजार की स्थिति और भविष्य की चिंताएं।
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शेयर बाजार में गिरावट का कारण

सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में गिरावट देखी गई। आईटी और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के निर्माताओं के शेयरों में बिकवाली के चलते बीएसई सेंसेक्स 307 अंक नीचे आया, जबकि एनएसई निफ्टी में 95 अंक की कमी आई। विश्लेषकों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि, वैश्विक बाजारों में सुस्ती और विदेशी पूंजी की निकासी ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।


सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन

बीएसई सेंसेक्स, जो 30 शेयरों पर आधारित है, 307.24 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,957.27 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, यह 513.19 अंक तक नीचे चला गया। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 20 में गिरावट आई, जबकि 10 में वृद्धि हुई।


नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 95.25 अंक यानी 0.39 प्रतिशत की कमी के साथ 24,080.40 अंक पर बंद हुआ। अदाणी पोर्ट्स में सबसे अधिक 4.11 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि एचडीएफसी बैंक में 1.53 प्रतिशत की कमी आई।


एचडीएफसी बैंक के सीईओ का निर्णय

एचडीएफसी बैंक के सीईओ और प्रबंध निदेशक शशिधर जगदीशन ने घोषणा की है कि वह अपने कार्यकाल की समाप्ति के बाद पुनर्नियुक्ति का विकल्प नहीं चुनेंगे। उनका कार्यकाल 26 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है। अन्य कंपनियों जैसे आईटीसी, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में भी गिरावट आई।


लाभ में रहने वाले शेयर

लाभ में रहने वाले शेयरों में सन फार्मा, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और भारतीय स्टेट बैंक शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 3.63 प्रतिशत बढ़कर 91.30 डॉलर प्रति बैरल हो गई। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित किया।


बाजार की स्थिति और भविष्य की चिंताएं

कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बॉंड प्रतिफल में वृद्धि से मुद्रास्फीति बढ़ने की चिंता बढ़ी है, जिससे कंपनियों की आय प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि फेडरल रिजर्व के चेयरमैन की हाल की टिप्पणियों से ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना बढ़ी है।


ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि महीने के अंत में घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों में तेजी लाई है।


एशियाई और यूरोपीय बाजारों की स्थिति

बीएसई स्मॉलकैप और मिडकैप सूचकांक क्रमशः 0.40 प्रतिशत और 0.12 प्रतिशत की गिरावट में रहे। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट बढ़त में रहे, जबकि जापान का निक्की और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुआ।


अमेरिकी बाजार भी शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 5,039.80 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।