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घरेलू शेयर बाजार में गिरावट, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का असर

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें 114 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिससे घरेलू शेयर बाजार में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट आई है, जबकि कुछ प्रमुख शेयरों में नुकसान हुआ है। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और बाजार की वर्तमान स्थिति के बारे में।
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शेयर बाजार में लगातार गिरावट

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 114 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिससे घरेलू शेयर बाजारों में शुक्रवार को चौथे दिन भी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स में 126 अंकों की कमी आई, जबकि निफ्टी 88 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक बाजारों में कमजोरी और महंगाई के कारण कंपनियों के मुनाफे पर पड़ने वाले प्रभाव ने निवेशकों की धारणा को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया।


सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन

बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक 125.56 अंक यानी 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,123.83 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, यह 797.02 अंक गिरकर 72,452.37 अंक तक पहुंच गया था। एनएसई का निफ्टी भी 87.65 अंक यानी 0.39 प्रतिशत की कमी के साथ 22,600 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, यह 315.65 अंक गिरकर 22,372 अंक तक पहुंच गया था।


प्रमुख शेयरों में गिरावट

सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में टाटा स्टील और अदाणी पोर्ट्स में तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई। इसके अलावा, ट्रेंट, टेक महिंद्रा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इंडिगो, बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी, भारतीय स्टेट बैंक और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर भी नुकसान में रहे।


कुछ शेयरों में तेजी

हालांकि, इटर्नल, लार्सन एंड टुब्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी इंडिया, इन्फोसिस और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में तेजी देखी गई। पश्चिम एशिया में तनाव के चलते वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.10 प्रतिशत बढ़कर 114.42 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया।


बाजार की धारणा पर असर

ब्रोकरज फर्म लेमन के शोध प्रमुख गौरव गर्ग ने बताया कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में आपूर्ति बाधित होने की आशंका ने बाजार की धारणा को कमजोर रखा, भले ही कुछ आईटी शेयरों में खरीदारी हुई हो। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण महंगाई, रुपये और कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ा है।


विदेशी निवेशकों की बिकवाली

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि निफ्टी की तुलना में मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में अधिक गिरावट चिंता का विषय है। बाजार में उतार-चढ़ाव के सूचकांक इंडिया वीआईएक्स में वृद्धि भी निकट भविष्य में अस्थिरता का संकेत देती है।


अन्य बाजारों का प्रदर्शन

एशिया के अन्य बाजारों में चीन का शंघाई कंपोजिट, हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का सूचकांक कॉस्पी बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि जापान का निक्की सूचकांक गिरावट में रहा। यूरोपीय बाजार भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।


पिछले कारोबारी दिन का प्रदर्शन

इससे पहले, बृहस्पतिवार को सेंसेक्स 460.30 अंक गिरकर 73,249.39 अंक और निफ्टी 123.70 अंक गिरकर 22,687.65 अंक पर बंद हुए थे।