घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का असर
बाजार में गिरावट का कारण
कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के चलते घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का दौर बृहस्पतिवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। बीएसई सेंसेक्स 460 अंक गिरकर 73,249.39 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 124 अंक की कमी के साथ 22,687.65 अंक पर रहा। विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि ने निवेशकों की धारणा को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया।
बिकवाली का दबाव
वैश्विक स्तर पर कमजोर रुख के चलते घरेलू शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली, जिसमें एफएमसीजी, बिजली और आईटी शेयर शामिल थे। सेंसेक्स में शामिल प्रमुख कंपनियों जैसे रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, और इन्फोसिस के शेयरों में गिरावट आई।
लाभ में रहने वाले शेयर
हालांकि, कुछ शेयरों में लाभ भी देखने को मिला, जैसे बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक और भारती एयरटेल। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है, जिससे महंगाई की चिंता बढ़ी है।
रुपये की स्थिति
रुपये की स्थिति भी कमजोर होती गई, जिससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। बैंक शेयरों में थोड़ी तेजी आई, लेकिन यह लंबे समय तक नहीं टिक सकी। घरेलू बॉण्ड प्रतिफल के उच्च स्तर पर लौटने से शेयरों के मूल्यांकन पर फिर से विचार किया जाने लगा।
छोटी कंपनियों का प्रदर्शन
मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में बड़ी कंपनियों की तुलना में अधिक गिरावट आई। बीएसई स्मॉलकैप और मिडकैप सूचकांकों में क्रमशः 0.94 प्रतिशत और 0.74 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
वैश्विक बाजारों का प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी गिरावट का रुख देखने को मिला, जिसमें दक्षिण कोरिया, हांगकांग, और जापान के बाजार शामिल हैं। अमेरिकी बाजार में बुधवार को बढ़त देखने को मिली थी।
निवेशकों की गतिविधियाँ
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 1,022.32 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 1,614.32 करोड़ रुपये के शेयरों की खरीदारी की।
