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घरेलू शेयर बाजार में तेजी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर

बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के चलते तेजी आई। बीएसई सेंसेक्स 299 अंक चढ़कर 74,828.25 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी भी 23,450 अंक के करीब पहुंच गया। विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम एशिया में संकट में कमी और रेटिंग एजेंसियों द्वारा भारत के विकास अनुमान में वृद्धि ने बाजार को समर्थन दिया। जानें किस कंपनियों के शेयरों में तेजी रही और निवेशकों की धारणा पर क्या असर पड़ा।
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बाजार में तेजी का कारण

बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली, जब कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई। बीएसई सेंसेक्स 299 अंक की वृद्धि के साथ 74,828.25 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 23,450 अंक के करीब पहुंच गया। विश्लेषकों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और पश्चिम एशिया में संकट में कमी की उम्मीद ने बाजार को समर्थन दिया। इसके अलावा, रेटिंग एजेंसियों द्वारा भारत के विकास अनुमान में वृद्धि ने धातु, वित्तीय और एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में लिवाली को बढ़ावा दिया।


सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन

बीएसई का मानक सूचकांक सेंसेक्स 299.17 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 74,828.25 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, यह 444.66 अंक की बढ़त के साथ 74,973.74 अंक तक पहुंच गया। वहीं, एनएसई का निफ्टी भी 117.80 अंक यानी 0.50 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,446.80 अंक पर बंद हुआ।


कंपनियों का प्रदर्शन

सेंसेक्स में शामिल प्रमुख कंपनियों में टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, पावर ग्रिड और लार्सन एंड टुब्रो के शेयरों में तेजी रही। दूसरी ओर, एचसीएलटेक, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाइटन और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर नुकसान में रहे। वैश्विक स्तर पर, ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.35 प्रतिशत बढ़कर 99.60 डॉलर प्रति बैरल हो गई।


निवेशकों की धारणा

ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव में कमी के संकेतों के चलते निवेशकों ने लिवाली की, जिससे घरेलू शेयर बाजार में तेजी आई। उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने की उम्मीद और अमेरिकी तेल मानक वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने से निवेशकों की धारणा मजबूत हुई।


आर्थिक विकास के संकेत

एसएंडपी, फिच, एशियाई विकास बैंक और ओईसीडी जैसी वैश्विक एजेंसियों ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत के जीडीपी वृद्धि दर अनुमान को बढ़ाकर लगभग सात प्रतिशत कर दिया है। यह संशोधन जून तिमाही में आर्थिक गतिविधियों में मजबूती और घरेलू मांग में तेजी को देखते हुए किया गया है।


छोटी और मझोली कंपनियों का प्रदर्शन

बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.85 प्रतिशत और मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.79 प्रतिशत चढ़ा। बीएसई में कुल 2,809 शेयरों में बढ़त रही, जबकि 1,579 शेयरों में गिरावट आई।


अन्य बाजारों का हाल

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी बढ़त में रहा, जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुए। जापान के बाजार अवकाश के कारण बंद रहे। यूरोप के अधिकांश बाजारों में गिरावट का रुख रहा।


विदेशी निवेशकों की गतिविधि

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 3,809.99 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। सेंसेक्स मंगलवार को 329.91 अंक टूटकर 74,529.08 अंक और निफ्टी 85.30 अंक की गिरावट के साथ 23,329 अंक पर बंद हुआ था।