घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स तीन महीने के निचले स्तर पर
बाजार में बिकवाली का माहौल
कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और अमेरिकी बॉण्ड पर बढ़ते प्रतिफल के चलते घरेलू शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को व्यापक बिकवाली देखी गई, जिससे सेंसेक्स 1,247 अंक से अधिक गिरकर तीन महीने के निचले स्तर पर बंद हुआ। वित्तीय, धातु, वाहन और पेट्रोलियम शेयरों में भारी गिरावट ने बाजार की धारणा को कमजोर कर दिया। बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 1,247.71 अंक यानी 1.67 प्रतिशत की कमी के साथ 73,580.54 अंक पर समाप्त हुआ।
सेंसेक्स का निचला स्तर
यह सेंसेक्स का आठ जून के बाद का सबसे निचला बंद स्तर है। कारोबार के दौरान, यह 1,264.33 अंक गिरकर 73,563.92 अंक तक पहुंच गया था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 383.70 अंक यानी 1.64 प्रतिशत गिरकर 23,063.10 अंक पर बंद हुआ।
शेयरों में गिरावट
निफ्टी के 50 में से 47 शेयरों में गिरावट आई। सेंसेक्स में शामिल बजाज फाइनेंस में सबसे अधिक 5.47 प्रतिशत की कमी आई। एक्सिस बैंक 4.67 प्रतिशत, बजाज फिनसर्व 4.06 प्रतिशत, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) 2.78 प्रतिशत, ट्रेंट 2.75 प्रतिशत और महिंद्रा एंड महिंद्रा 2.31 प्रतिशत टूट गए। हालांकि, एनटीपीसी का शेयर अपरिवर्तित रहा।
बीमा क्षेत्र पर असर
विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) द्वारा बीमा वितरण व्यवस्था में बदलाव के प्रस्ताव के कारण वित्तीय शेयरों में भारी बिकवाली हुई। इस प्रस्ताव में प्रबंधन खर्च की सीमा कम करने और कमीशन पर नियंत्रण कड़ा करने की बात की गई है।
वैश्विक बाजार का प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.36 प्रतिशत बढ़कर 105.4 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। अमेरिका के 10 साल के ट्रेजरी बॉण्ड पर प्रतिफल बढ़कर लगभग 5.11 प्रतिशत हो गया। मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सिलेक्ट सूचकांक 3.12 प्रतिशत और छोटी कंपनियों का स्मॉलकैप सिलेक्ट सूचकांक 1.19 प्रतिशत गिरा।
निवेशकों की चिंता
बढ़ते बॉण्ड प्रतिफल और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि ने बाजार पर दबाव डाला है। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख ने कहा कि इससे वैश्विक आर्थिक जोखिम बढ़ने का संकेत मिला है। मुद्रास्फीति और आर्थिक वृद्धि को लेकर अनिश्चितताओं के बीच ब्याज दरों की दिशा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
एशियाई और यूरोपीय बाजारों की स्थिति
एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की बढ़त में रहा, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट में बंद हुए। यूरोपीय बाजार भी गिरावट में कारोबार कर रहे थे।
विदेशी निवेशकों की गतिविधि
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 1,617.45 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।
