चीनी कारोबारियों की एआईएसटीए ने न्यूनतम बिक्री मूल्य बढ़ाने की मांग की
एआईएसटीए की मांग
नई दिल्ली, 6 नवंबर: चीनी व्यापारियों के संगठन एआईएसटीए ने सरकार से अनुरोध किया है कि चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य 31 रुपये से बढ़ाकर 42 रुपये प्रति किलोग्राम किया जाए। यह मांग उस समय उठाई गई है जब एक समिति गन्ना किसानों की समस्याओं की जांच कर रही है। एआईएसटीए ने गन्ने के मूल्य को 'उचित और न्यायसंगत' बताते हुए सरकार के निर्णय का समर्थन किया है।
समिति की बैठक
संगठन ने 13 अक्टूबर को गठित चार सदस्यीय समिति के समक्ष अपनी मांगें प्रस्तुत कीं। इस समिति की अध्यक्षता नीति आयोग के पूर्व सदस्य रमेश चंद कर रहे हैं, और इसका उद्देश्य मुख्य रूप से कर्नाटक और महाराष्ट्र में प्रदर्शन कर रहे गन्ना किसानों की समस्याओं का समाधान करना है। समिति ने 4 नवंबर को बेंगलुरु में और उसके बाद पुणे में गन्ना किसानों से बातचीत की।
चीनी मूल्य में वृद्धि की आवश्यकता
एआईएसटीए का एक प्रतिनिधिमंडल पुणे में हुई बैठक में शामिल हुआ। एआईएसटीए के चेयरमैन प्रफुल विठलानी ने कहा कि चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य फरवरी 2019 से स्थिर है। उन्होंने इसे कम से कम 4,200 रुपये प्रति क्विंटल करने की आवश्यकता बताई, ताकि चीनी मिलें अपनी उत्पादन लागत से कम मूल्य पर चीनी न बेच सकें।
गन्ने का उचित मूल्य
सरकार ने 5 मई को 2026-27 के चीनी सत्र के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 365 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया था, जो 10.25 प्रतिशत की मूल चीनी 'रिकवरी दर' से जुड़ा है। विठलानी ने कहा कि उस समय सभी संबंधित पक्षों ने इस मूल्य को स्वीकार किया था।
एथनॉल उत्पादन पर चिंता
एआईएसटीए ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिलाने के सरकार के कार्यक्रम के तहत एथनॉल आसवन संयंत्रों के लिए प्राप्त कर्ज में राहत की भी मांग की है। संगठन ने कहा कि खराब मौसम के कारण चालू और अगले चीनी सत्र में अतिरिक्त 'सुक्रोज' की उपलब्धता सीमित रहने की संभावना है, जिससे एथनॉल का उत्पादन प्रभावित होगा और मिलों के लिए कर्ज चुकाना कठिन हो जाएगा।
कर्ज पर रोक लगाने की मांग
एआईएसटीए ने प्रभावित चीनी आधारित एथनॉल परियोजनाओं के लिए मूलधन और ब्याज के भुगतान पर दो साल की रोक लगाने की मांग की है। इसके साथ ही, उसने सरकार से अनुरोध किया है कि इस अवधि में कर्ज को फंसे कर्ज में बदलने से रोकने के लिए ब्याज सब्सिडी को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत किया जाए।
