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जयपुर में 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन का उद्घाटन

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बुधवार को जयपुर में 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस सम्मेलन का मुख्य विषय 'विकसित भारत 2047' है, जिसमें डिजिटल गवर्नेंस और नई तकनीकों की भूमिका पर चर्चा की जाएगी। सम्मेलन में नीति-निर्माता, सरकारी अधिकारी और उद्योग विशेषज्ञ शामिल होंगे। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह पुरस्कार प्रदान करेंगे। कुल 17 पुरस्कार दिए जाएंगे, और सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण सत्र आयोजित होंगे। जानें इस सम्मेलन के बारे में और अधिक जानकारी।
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सम्मेलन का उद्घाटन और विषय

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बुधवार को जयपुर में 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन (एनसीईजी) 2026 का उद्घाटन करेंगे। इस वर्ष का सम्मेलन ‘विकसित भारत 2047: एआई-सक्षम, डेटा-संचालित और सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस’ के विषय पर आधारित है।


सम्मेलन का आयोजन

यह दो दिवसीय सम्मेलन प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी) के सहयोग से राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित किया जा रहा है।


प्रतिभागियों और पुरस्कार

इस सम्मेलन में नीति-निर्माता, सरकारी अधिकारी, उद्योग विशेषज्ञ और शिक्षाविद शामिल होंगे, जो डिजिटल गवर्नेंस में उभरती प्रौद्योगिकियों की भूमिका पर चर्चा करेंगे। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह इस अवसर पर राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार-2026 प्रदान करेंगे। कुल 17 पुरस्कार दिए जाएंगे, जिनमें 10 स्वर्ण, छह रजत और एक जूरी पुरस्कार शामिल हैं।


सत्र और विषय

सम्मेलन में छह पूर्ण सत्र और छह विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित प्रशासन, स्मार्ट पुलिसिंग, नागरिक-केंद्रित शासन, और प्रौद्योगिकी आधारित शहरी परिवर्तन जैसे विषयों पर चर्चा होगी।


प्रतिनिधियों की भागीदारी

अधिकारी ने बताया कि सम्मेलन में 60 से अधिक वक्ताओं के भाग लेने की संभावना है, जिनमें 80 से अधिक केंद्रीय मंत्रालयों, 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके साथ ही, एक प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न पुरस्कार विजेता पहल और नवाचार आधारित डिजिटल गवर्नेंस समाधान प्रदर्शित किए जाएंगे।


कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम का समापन ई-गवर्नेंस 2026 के लिए जयपुर घोषणा-पत्र को अपनाने के साथ होगा।