जिंदल स्टील ने स्टील स्लैग से बनाई दुनिया की सबसे लंबी सड़क, गिनीज रिकॉर्ड में दर्ज
जिंदल स्टील की नई उपलब्धि
जिंदल स्टील लिमिटेड ने छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में स्टील स्लैग से निर्मित दुनिया की सबसे लंबी सड़क का निर्माण कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपनी जगह बनाई है। इस उपलब्धि को हासिल करने में कंपनी ने सीएसआईआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीआरआरआई) का सहयोग लिया। यह सड़क लगभग 1.85 किलोमीटर लंबी और चार लेन वाली है, जिसमें करीब दो लाख टन प्रसंस्कृत स्टील स्लैग का उपयोग किया गया है।
स्टील स्लैग का उपयोग
इस तकनीक में सड़क निर्माण के लिए पारंपरिक पत्थरों और अन्य सामग्रियों के स्थान पर स्टील स्लैग का प्रयोग किया गया है। स्टील स्लैग, इस्पात निर्माण की प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न होने वाला ठोस औद्योगिक उप-उत्पाद है, जिसे वैज्ञानिक और तकनीकी प्रक्रियाओं के माध्यम से सड़क निर्माण में उपयोग किया जा सकता है।
नवीन जिंदल का बयान
जिंदल स्टील के चेयरमैन नवीन जिंदल ने कहा कि यह उपलब्धि यह दर्शाती है कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और उद्योग मिलकर औद्योगिक उप-उत्पादों को राष्ट्र निर्माण के लिए उपयोगी संसाधनों में बदल सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की विकास यात्रा को ऐसी नई तकनीकों पर आधारित होना चाहिए, जो आर्थिक मूल्य के साथ-साथ पर्यावरण की सुरक्षा भी करें।
केंद्रीय मंत्री का समर्थन
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस परियोजना को वैज्ञानिक नवोन्मेषण को वास्तविक बुनियादी ढांचे में बदलने का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि स्टील स्लैग को सड़क निर्माण में उपयोगी संसाधन में बदलना देश की स्वदेशी प्रौद्योगिकी क्षमता को दर्शाता है।
आर्थिक लाभ
कंपनी के अनुसार, वैज्ञानिक रूप से तैयार स्टील स्लैग से बनी सड़कें पारंपरिक निर्माण सामग्रियों की तुलना में 30 से 40 प्रतिशत अधिक किफायती हो सकती हैं, और इनकी उम्र सामान्य बिटुमिनस सड़कों की तुलना में तीन गुना अधिक हो सकती है। इससे सड़क की मरम्मत और रखरखाव की आवश्यकता भी कम हो सकती है।
भविष्य की संभावनाएं
भारत में इस्पात उत्पादन में वृद्धि के साथ, आने वाले वर्षों में स्टील स्लैग का उत्पादन लगभग छह करोड़ टन प्रति वर्ष होने का अनुमान है। ऐसे में सड़क निर्माण में स्टील स्लैग का बड़े पैमाने पर उपयोग औद्योगिक कचरे के बेहतर प्रबंधन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के अधिकतम उपयोग की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दे सकता है।
