जियो क्रेडिट को बैंक ऑफ अमेरिका से 18,268 करोड़ रुपये की पूंजी मिलने की उम्मीद
जियो क्रेडिट को पूंजी की मंजूरी का इंतजार
मुंबई, 13 सितंबर: गैर-बैंकिंग ऋणदाता जियो क्रेडिट को बैंक ऑफ अमेरिका (बोफा) से 18,268 करोड़ रुपये की पूंजी के लिए आवश्यक नियामकीय अनुमतियां इस वर्ष दिसंबर तक मिलने की संभावना है। यह जानकारी जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (जेएफएस) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने साझा की। अधिकारी ने बताया कि नई पूंजी प्राप्त होने के बाद, जियो क्रेडिट अपनी व्यावसायिक रणनीति और उत्पाद योजनाओं का पुनरावलोकन करेगी, जिससे प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियों (एयूएम) में वृद्धि को तेज किया जा सके।
बोफा ने भी इस बात पर सहमति जताई है कि कंपनी के ऋण कारोबार को तेजी से बढ़ाने की आवश्यकता है। जेएफएस के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हितेश सेठिया ने कहा कि पूंजी मिलने के बाद, जियो क्रेडिट का एयूएम मौजूदा लगभग 30,000 करोड़ रुपये से लगभग पांच गुना बढ़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कंपनी के लिए संभावित वृद्धि की गुंजाइश है, लेकिन कोई निश्चित समयसीमा नहीं है।
सेठिया ने कहा कि एयूएम 1.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने तक कंपनी को नई पूंजी की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस सौदे को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) से मंजूरी दिसंबर तक मिलने की उम्मीद है। इसके बाद, 18 महीने की अवधि में चरणबद्ध तरीके से पूंजी जियो क्रेडिट में आएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि इस निवेश के बाद जियो क्रेडिट के निदेशक मंडल में बदलाव होगा। बोफा को निदेशक मंडल में दो पद मिलेंगे, जबकि जेएफएस को भी दो पद मिलेंगे, जिनमें एक प्रबंध निदेशक और सीईओ का पद शामिल होगा। इसके अलावा, निदेशक मंडल में चार स्वतंत्र निदेशक भी होंगे।
बाजार में इस बात को लेकर अटकलें तेज हैं कि जियो क्रेडिट उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं और बिना गारंटी वाले ऋण क्षेत्र में कब प्रवेश करेगी, लेकिन सेठिया ने कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई।
