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जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ: अभिदान में रिकॉर्ड तोड़ मांग

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का 30,213 करोड़ रुपये का आईपीओ अभूतपूर्व मांग के साथ खुला, जिसमें निवेशकों ने 50,000 करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां लगाईं। यह आईपीओ भारत का सबसे तेज सार्वजनिक निर्गम बन गया है, जिसमें संस्थागत निवेशकों की भागीदारी सबसे अधिक रही। जानें इस आईपीओ के बारे में और क्या खास है, और कैसे यह जियो को एक प्रौद्योगिकी कंपनी के रूप में स्थापित कर रहा है।
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जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ अभिदान में तेजी

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के 30,213 करोड़ रुपये के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए बोलियों की राशि 50,000 करोड़ रुपये को पार कर गई। बुधवार को निर्गम के पहले दिन, दोपहर तक इसमें कुल शेयरों की पेशकश की तुलना में 2.35 गुना अधिक मांग देखी गई। यह आईपीओ खुलने के 100 मिनट के भीतर पूर्ण अभिदान प्राप्त करने वाला भारत का सबसे तेज सार्वजनिक निर्गम बन गया।


निवेशकों की अभूतपूर्व मांग

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, अपराह्न पौने तीन बजे तक निवेशकों ने पेशकश किए गए 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले 46.50 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाईं। इस प्रकार, आईपीओ अभिदान की गति ने नया रिकॉर्ड स्थापित किया। देश के सबसे बड़े आईपीओ के लिए संस्थागत निवेशकों ने सबसे अधिक भागीदारी दिखाई।


संस्थागत निवेशकों की भागीदारी

क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए आरक्षित हिस्से को 7.09 गुना अभिदान मिला। इस श्रेणी के लिए निर्धारित 4.90 करोड़ शेयरों के मुकाबले 34.77 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं। घरेलू वित्तीय संस्थानों ने 16.98 करोड़ शेयरों के लिए और विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 14.97 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाईं।


गैर-संस्थागत निवेशकों की भागीदारी

म्यूचुअल फंड ने 2.02 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां दीं। गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से को 1.03 गुना अभिदान मिला, जबकि खुदरा निवेशकों की श्रेणी में अभिदान 0.58 गुना रहा। इस श्रेणी के लिए आरक्षित 8.50 करोड़ शेयरों के मुकाबले 4.91 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं।


जियो का आईपीओ अन्य निर्गमों से आगे

जियो का आईपीओ शुरुआती रफ्तार के मामले में अन्य बड़े भारतीय निर्गमों से आगे निकल गया है। बजाज हाउसिंग फाइनेंस का आईपीओ पहले दिन दोपहर तक पूरी तरह अभिदान प्राप्त कर चुका था, जबकि एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया का निर्गम 2025 में पहले दिन के अंत तक पूर्ण अभिदान प्राप्त कर चुका था।


जियो का मूल्यांकन

जियो के शेयरों के लिए 1,065 से 1,119 रुपये के मूल्य दायरे के ऊपरी स्तर पर कंपनी का मूल्यांकन लगभग 108 अरब डॉलर है। इस निर्गम के तहत 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसमें बिक्री पेशकश (ओएफएस) शामिल नहीं है, जिसका अर्थ है कि मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर नहीं बेच रहे हैं।


एंकर निवेशकों की भागीदारी

सार्वजनिक निर्गम से पहले, कंपनी ने सोमवार को 212 बड़े (एंकर) निवेशकों को 1,119 रुपये प्रति शेयर की दर से लगभग 8,110 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए थे। एंकर निवेशकों के लिए आरक्षित शेयरों के मुकाबले 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां प्राप्त हुईं।


आकाश अंबानी का बयान

जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने कहा कि कंपनी की तकनीकी, कृत्रिम मेधा (एआई) और क्लाउड क्षेत्र में विस्तार की योजनाएं दूरसंचार कारोबार से आगे उसकी वृद्धि को गति देंगी। उन्होंने इसे देश के सबसे बड़े आईपीओ से पहले एक प्रौद्योगिकी कंपनी के रूप में प्रस्तुत किया।


निवेशकों की चिंताएं

यह आईपीओ ऐसे समय में आ रहा है जब निवेशक यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी अपने विशाल ग्राहक आधार के माध्यम से डिजिटल सेवाओं, उद्यम प्रौद्योगिकी और एआई से अधिक लाभकारी राजस्व उत्पन्न कर सकती है।