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जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को मिली अभूतपूर्व मांग, निवेशकों की उत्सुकता बढ़ी

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने निवेशकों से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया प्राप्त की है, जिसमें पहले ही दिन 74,610 करोड़ रुपये की मांग देखी गई। इस लेख में जानें कि कैसे जियो ने अपने आईपीओ के माध्यम से बाजार में एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है और निवेशकों की रुचि के पीछे के कारण क्या हैं। क्या यह निर्गम भारत के अन्य बड़े सार्वजनिक निर्गमों को पीछे छोड़ देगा? जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख।
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जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ: निवेशकों की भारी दिलचस्पी

रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के आईपीओ को निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है। इस 30,213 करोड़ रुपये के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को बुधवार को पहले ही दिन लगभग 74,610 करोड़ रुपये की कुल मांग मिली। इसमें बड़े निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से का आवंटन भी शामिल है।


निर्गम के खुलने के 100 मिनट के भीतर ही पूरी बोली मिल गई, जो कि अब तक का सबसे तेज़ निर्गम है। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, शाम पांच बजे तक इस सार्वजनिक निर्गम को 3.01 गुना अभिदान प्राप्त हुआ।


निवेशकों ने 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले 59.44 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाईं। 1,119 रुपये के ऊपरी मूल्य पर लगाई गई बोलियों का कुल मूल्य लगभग 66,500 करोड़ रुपये रहा। एंकर निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से से कुल मांग में 8,110 करोड़ रुपये और जुड़ गए।


क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए आरक्षित हिस्से को 9.02 गुना अभिदान मिला, जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए 1.58 गुना मांग रही। खुदरा निवेशकों ने 0.68 गुना अभिदान दिया।


कर्मचारियों और शेयरधारकों के लिए आरक्षित हिस्सों को क्रमशः 1.30 गुना और 1.38 गुना अभिदान मिला। संस्थागत निवेशकों की मजबूत प्रतिक्रिया ने पहले बड़े निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से को भी अच्छी मांग दिलाई। जियो ने सोमवार को 212 बड़े निवेशकों को 1,119 रुपये प्रति शेयर की दर से लगभग 8,110 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए।


सूत्रों के अनुसार, इस आवंटन के लिए मांग 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक रही। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को आईपीओ खुलने के महज 100 मिनट के भीतर सभी शेयरों के लिए बोलियां मिल गईं। प्रारंभिक बोली की यह गति जियो को भारत के अन्य बड़े सार्वजनिक निर्गमों से अलग करती है।


बजाज हाउसिंग फाइनेंस के आईपीओ को खुलने के दिन दोपहर दो बजे तक पूरा अभिदान मिला था, जबकि एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के आईपीओ को 2025 में पहले दिन के अंत तक पूरा अभिदान मिला था। इससे पहले, भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गम का रिकॉर्ड रखने वाले हुंदै मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ को 2024 में पहले दिन के अंत तक केवल 18 प्रतिशत अभिदान मिला था। जियो का आईपीओ शेयर जारी करने के तरीके में भी हुंदै और एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स के निर्गमों से भिन्न है।


उन दोनों कंपनियों के आईपीओ पूरी तरह मौजूदा शेयरधारकों की ओर से शेयरों की बिक्री के लिए थे। इसके विपरीत, जियो 27 करोड़ तक नए शेयर जारी कर रही है, जिसका अर्थ है कि निर्गम से मिलने वाली राशि कंपनी को मिलेगी, न कि हिस्सेदारी बेचने वाले शेयरधारकों को।


जियो के आईपीओ के लिए प्रति शेयर मूल्य दायरा 1,065 से 1,119 रुपये निर्धारित किया गया है। ऊपरी मूल्य पर जियो प्लेटफॉर्म्स का मूल्यांकन लगभग 108 अरब डॉलर है। यह निर्गम हुंदै मोटर इंडिया के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने वाला है और उद्योगपति मुकेश अंबानी के नियंत्रण वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के डिजिटल एवं दूरसंचार कारोबार के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा है।


यह आईपीओ निवेशकों की उस महत्वाकांक्षा के प्रति रुचि की भी बड़ी परीक्षा है, जिसके तहत जियो दूरसंचार संपर्क सेवाओं से आगे बढ़कर डिजिटल सेवाओं, क्लाउड कंप्यूटिंग और कृत्रिम मेधा के क्षेत्र में विस्तार करना चाहती है। कंपनी ने इन कारोबार के विस्तार के लिए 53.33 करोड़ ग्राहकों के अपने आधार को प्रमुख ताकत बताया है। कंपनी का लक्ष्य दूरसंचार क्षेत्र में अपनी व्यापक पहुंच का उपयोग कर अधिक लाभ मार्जिन वाले उद्यम और प्रौद्योगिकी कारोबार से आय बढ़ाना है।


ताजा आंकड़ों के अनुसार, आईपीओ को मिल रही मांग में संस्थागत निवेशक लगातार प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं, जबकि खुदरा निवेशकों की मांग धीरे-धीरे बढ़ रही है। निर्गम शुक्रवार को बंद होगा, ऐसे में निर्गम बंद होने से पहले अभिदान के अंतिम आंकड़ों में बदलाव हो सकता है।