जेएसडब्ल्यू समूह ने इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों के क्षेत्र में नई पहल की
जेएसडब्ल्यू समूह का नया ब्रांड एम्पस्टार
जेएसडब्ल्यू समूह ने भारत के तेजी से विकसित हो रहे इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन बाजार में कदम रखा है। इसने जेएसडब्ल्यू ग्रीनटेक लिमिटेड के तहत एम्पस्टार नामक एक नया ब्रांड लॉन्च किया है, जिसके अंतर्गत कंपनी इलेक्ट्रिक बसों और ट्रकों का निर्माण और बिक्री करेगी। कंपनी का उद्देश्य केवल वाहनों की बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्राहकों को चार्जिंग, वित्त, संचालन और बिक्री के बाद की सेवाएं भी प्रदान करना है।
निर्माण इकाई और उत्पादन क्षमता
एम्पस्टार के वाहन महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में स्थित औरिक में जेएसडब्ल्यू की नई 90 एकड़ की निर्माण इकाई में बनाए जाएंगे। इस फैक्ट्री की प्रारंभिक वार्षिक उत्पादन क्षमता 15,000 वाहनों की है, जिसे भविष्य में 30,000 वाहनों तक बढ़ाने की योजना है। इस परियोजना में कंपनी ने लगभग 2,500 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
इलेक्ट्रिक बसों की विशेषताएँ
एम्पस्टार की इलेक्ट्रिक बसों की लंबाई 7 मीटर से लेकर 18 मीटर तक होगी, जो शहरी और अंतर-शहरी परिवहन, कर्मचारियों के आवागमन और स्कूल परिवहन के लिए उपयुक्त होंगी। इन बसों में 150 किलोवाट से 500 किलोवाट तक की विभिन्न शक्ति क्षमता वाले विकल्प उपलब्ध होंगे।
तकनीकी विशेषताएँ और ट्रक की योजना
कंपनी ने बताया कि वाहनों को भारत की विभिन्न सड़कों और जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इनमें डुअल कूलिंग बैटरी सिस्टम और मजबूत एकल ढांचे वाली चेसिस जैसी तकनीकों का उपयोग किया गया है। ट्रक के क्षेत्र में, कंपनी 55 टन क्षमता वाले इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर-ट्रेलर से शुरुआत करेगी, इसके बाद इलेक्ट्रिक टिपर और डंपर भी पेश करने की योजना है।
ग्राहकों के लिए विकल्प और भविष्य की योजनाएँ
एम्पस्टार ग्राहकों को वाहन खरीदने के साथ-साथ पट्टे पर लेने और बैटरी को सेवा के रूप में उपयोग करने का विकल्प भी प्रदान करेगा। कंपनी चार्जिंग ढांचे, वित्तीय सेवाओं और संचालन से संबंधित सेवाएँ भी उपलब्ध कराने की योजना बना रही है। प्रारंभिक चरण में निजी कंपनियों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को लक्षित किया जाएगा।
जेएसडब्ल्यू समूह की आंतरिक मांग
जेएसडब्ल्यू समूह के अन्य व्यवसायों से भी एम्पस्टार को प्रारंभिक मांग मिलने की उम्मीद है। समूह की इस्पात, सीमेंट, पेंट और निर्माण से जुड़ी कंपनियों को भारी वाहनों और कर्मचारियों के परिवहन के लिए बसों की आवश्यकता होती है। कंपनी ने पहले ही जेएसडब्ल्यू स्टील के डोलवी प्लांट में कर्मचारियों के लिए 100 इलेक्ट्रिक बसें पहुंचा दी हैं।
उत्पादन की वृद्धि और भविष्य की योजनाएँ
जेएसडब्ल्यू ने बताया है कि नई इकाई में बस निर्माण के लिए विशेष सतह उपचार और विद्युत लेपन की व्यवस्था, ट्रक केबिन के लिए ऑटोमेटिक उत्पादन लाइन और बैटरी से संबंधित एकीकृत ढांचा होगा। कंपनी को उम्मीद है कि उत्पादन धीरे-धीरे बढ़ेगा और वित्त वर्ष 2028 तक कम से कम 10,000 वाहनों का निर्माण किया जा सकेगा।
भविष्य की क्षमता विस्तार योजनाएँ
कंपनी भविष्य में उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर भी विचार कर रही है, जिसके लिए 1,500 से 2,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश किया जा सकता है। इससे वार्षिक क्षमता 15,000 से बढ़कर 30,000 वाहन हो जाएगी। एम्पस्टार के बस और ट्रक पोर्टफोलियो का औसत बिक्री मूल्य लगभग 80 लाख रुपये रहने का अनुमान है।
स्वदेशी तकनीक पर जोर
जेएसडब्ल्यू ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए प्रमुख तकनीकों को देश में विकसित करने पर जोर दिया है। इलेक्ट्रिक वाहन के आधार ढांचे, सॉफ्टवेयर और संचालन से जुड़े गणितीय मॉडल कंपनी ने स्वयं तैयार किए हैं, जिससे ग्राहकों की आवश्यकताओं के अनुसार वाहनों में बदलाव करना आसान होगा।
