टाइटन कंपनी ने त्योहारी सीजन में मुनाफे में 114% की वृद्धि दर्ज की
टाइटन कंपनी का शानदार प्रदर्शन
त्योहारी मौसम में ग्राहकों की खरीदारी और महंगे गहनों की बढ़ती मांग का लाभ टाइटन कंपनी को मिला है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी ने उत्कृष्ट परिणाम प्रस्तुत किए हैं। 5 नवंबर को जारी आंकड़ों के अनुसार, 30 सितंबर को समाप्त तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 114% बढ़कर 2,393 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वर्ष इसी अवधि में कंपनी ने 1,118 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। इस बार कंपनी का प्रदर्शन बाजार के पूर्वानुमान से भी बेहतर रहा, जहां मुनाफा 1,460 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद जताई गई थी।
कंपनी की आय में वृद्धि
इस दौरान कंपनी की कुल आय 14% बढ़कर 21,430 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वर्ष यह 18,837 करोड़ रुपये थी। कंपनी ने बताया कि दूसरी तिमाही में उसके कारोबार में अच्छी वृद्धि हुई और सभी प्रमुख क्षेत्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया। हालांकि, पिछले वर्ष की मजबूत बिक्री और इस बार त्योहारों का बड़ा हिस्सा तीसरी तिमाही में पड़ने के बावजूद ग्राहकों की मांग अधिकतर समय बनी रही।
आभूषण कारोबार की सफलता
कंपनी के प्रबंध निदेशक अजय चावला ने कहा कि आभूषण कारोबार में नए डिजाइन और ग्राहकों के लिए आकर्षक योजनाओं को अच्छा प्रतिसाद मिला। विभिन्न बाजारों और उम्र के ग्राहकों ने इन उत्पादों में रुचि दिखाई। उन्होंने बताया कि कंपनी के सभी कारोबारों की संयुक्त बिक्री में सालाना आधार पर 25% की वृद्धि हुई है।
आभूषण क्षेत्र में वृद्धि
कंपनी के कुल प्रदर्शन में आभूषण कारोबार की सबसे बड़ी भूमिका रही। इस क्षेत्र की आय 24% बढ़कर 17,495 करोड़ रुपये हो गई। भारत में आभूषण कारोबार से आय 21% बढ़कर 16,343 करोड़ रुपये रही। इसमें तनिष्क, मिया और ज़ाया की संयुक्त आय 20% बढ़कर 14,935 करोड़ रुपये पहुंच गई। वहीं, कैरेटलेन ने 31% की वृद्धि के साथ 1,408 करोड़ रुपये की आय दर्ज की। तिमाही के दौरान कंपनी ने भारत में 42 नए स्टोर खोले और तनिष्क ने अमेरिका के लॉस एंजिलिस में भी अपना नया स्टोर शुरू किया।
विदेशी बाजारों में प्रदर्शन
विदेशी बाजारों में आभूषण कारोबार की आय 10% बढ़कर 1,152 करोड़ रुपये रही। तनिष्क, मिया और कैरेटलेन के अंतरराष्ट्रीय कारोबार में 41% की वृद्धि दर्ज की गई और इसकी आय 788 करोड़ रुपये रही। दमास के मुख्य कारोबार से 364 करोड़ रुपये की आय हुई।
घड़ियों और चश्मों का प्रदर्शन
घड़ियों के कारोबार ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। इस क्षेत्र की कुल आय 27% बढ़कर 1,881 करोड़ रुपये पहुंच गई। सामान्य घड़ियों की बिक्री में 30% से अधिक की वृद्धि रही, जबकि स्मार्ट घड़ियों की बिक्री में भी तेजी देखने को मिली। कंपनी ने इस दौरान 34 नए स्टोर जोड़े। चश्मों के कारोबार की आय भी 28% बढ़कर 281 करोड़ रुपये हो गई। अजय चावला के अनुसार, घड़ियों में बेहतर डिजाइन और महंगे उत्पादों पर ध्यान देने से लाभ मिला है।
उभरते कारोबार की स्थिति
कंपनी के उभरते कारोबार में इर्थ और तनैरा जैसे ब्रांड शामिल हैं। इनकी कुल आय 21% बढ़कर 171 करोड़ रुपये रही, हालांकि इस क्षेत्र को 6 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। स्किन और फास्टट्रैक के इत्र कारोबार में बिक्री की गति मजबूत रही। इर्थ के महिला बैग की बिक्री में नए स्टोर और प्रति ग्राहक अधिक खरीदारी से लाभ हुआ।
टाइटन का विविधीकरण
गौरतलब है कि टाइटन का कारोबार केवल आभूषण और घड़ियों तक सीमित नहीं है। कंपनी विभिन्न क्षेत्रों में अपने ब्रांड और स्टोर नेटवर्क का विस्तार कर रही है। मौजूदा नतीजे बताते हैं कि आभूषण कारोबार के साथ घड़ियों और चश्मों की मांग भी कंपनी की कुल आय और मुनाफे को आगे बढ़ाने में मदद कर रही है।
