टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने सेमीकॉन इंडिया सम्मेलन में 16 समझौतों पर किए हस्ताक्षर
सेमीकॉन इंडिया सम्मेलन में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की भागीदारी
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने यूरोप, जापान, सिंगापुर और भारत की कंपनियों के साथ सेमीकॉन इंडिया सम्मेलन में 16 समझौतों पर हस्ताक्षर करने की योजना बनाई है। कंपनी के सीईओ रणधीर ठाकुर ने बताया कि गुजरात के धोलेरा में स्थित विनिर्माण संयंत्र और असम में पैकेजिंग संयंत्र सरकार के साथ किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने चिप और सेमीकंडक्टर उद्योग को ‘भविष्य का उद्योग’ बताते हुए कहा कि भारत इस क्षेत्र में एक नई कहानी लिखने के लिए तैयार है।
ठाकुर ने कहा, ‘‘पांच साल पहले इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन की शुरुआत की गई थी। वर्तमान में 12 कारखाने विभिन्न चरणों में निर्माणाधीन हैं और हम पहले ही भारत में निर्मित चिप्स का निर्यात कर रहे हैं।’’ उन्होंने भारत की बढ़ती चिप विनिर्माण क्षमता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार सेमीकंडक्टर उद्योग के साथ तालमेल बना रही है और ऐसी नीतियां बना रही है जो इस क्षेत्र को मजबूत बनाने में मदद कर रही हैं।
उन्होंने आगे कहा, ‘‘यह इलेक्ट्रॉनिक्स नवाचार की गति है। केवल 12 वर्षों में, भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग 2014 में 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2026 में 13 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना है।’’ टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने सेमीकॉन इंडिया के मौजूदा कार्यक्रम में 16 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करने की बात की।
ठाकुर ने बताया कि यूरोप की नेक्सपेरिया, जापान की जेएसआर, फुजीफिल्म, मलेशिया की कॉलिंगटन, सिंगापुर की एसेंडास फर्स्ट स्पेस, और भारत की एलएंडटी सेमीकंडक्टर्स जैसी कंपनियां इस प्रक्रिया में शामिल हैं। इसके अलावा, अमेरिका, यूरोप और भारत के अन्य साझेदार भी हैं जो सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला के विभिन्न हिस्सों में विशेषज्ञता रखते हैं।
सीईओ ने कहा कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स में नई परियोजनाओं में तेजी से प्रगति हो रही है। धोलेरा में विनिर्माण संयंत्र और असम में पैकेजिंग संयंत्र सरकार के साथ किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में सही गति से आगे बढ़ रहे हैं। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने 1.5 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी सृजित किए हैं। उन्होंने सेमीकंडक्टर साझेदारियों को वैश्विक मंच पर लाने के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया।
