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टिम कुक के नेतृत्व में एप्पल का अभूतपूर्व विकास

टिम कुक के नेतृत्व में एप्पल ने अभूतपूर्व विकास किया है, जिसमें कंपनी का बाजार मूल्य और आय कई गुना बढ़ी है। हालांकि, एप्पल को अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई चुनौतियों का सामना करना है। जानें कुक के कार्यकाल की उपलब्धियों और भविष्य की रणनीतियों के बारे में।
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कुक का कार्यकाल और एप्पल का विकास

अगस्त 2011 में जब जॉब्स की स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ी, तब कुक को एप्पल का मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया। उस समय उन्हें एक कुशल प्रबंधक के रूप में देखा गया, जो संचालन और आपूर्ति श्रृंखला को संभालने में सक्षम थे, जबकि एप्पल की पहचान नए उत्पादों और तकनीकी नवाचारों के लिए थी।




डेढ़ दशक बाद, एप्पल के विकास ने यह साबित कर दिया है कि कुक ने न केवल कंपनी को संभाला, बल्कि इसके आकार को भी कई गुना बढ़ाया है। जब कुक ने पदभार संभाला, तब एप्पल का बाजार मूल्य लगभग 350 अरब डॉलर था, जो अब लगभग चार हजार अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। कंपनी के शेयर की कीमत में भी करीब 25 गुना की वृद्धि हुई है। 2011 में 13 डॉलर का शेयर अब 319 डॉलर से ऊपर कारोबार कर रहा है।




कंपनी की वार्षिक आय भी लगभग 108 अरब डॉलर से बढ़कर 400 अरब डॉलर से अधिक हो गई है। इस विस्तार में आईफोन की मजबूत मांग और सेवाओं के कारोबार की बढ़ती भूमिका महत्वपूर्ण रही है। ऐप स्टोर, एप्पल म्यूजिक और एप्पल पे जैसी सेवाएं अब कंपनी के लिए महत्वपूर्ण आय का स्रोत बन चुकी हैं। सेवाओं से सालाना 100 अरब डॉलर से अधिक की आय होने का अनुमान है, और इसका लाभ मार्जिन उपकरण कारोबार की तुलना में बेहतर है।




कुक के कार्यकाल में एप्पल ने अपने कंप्यूटरों के लिए चिप निर्माण की रणनीति में भी बदलाव किया। कंपनी ने इंटेल पर निर्भरता कम करते हुए अपने स्वयं के प्रोसेसर विकसित किए, जिससे उपकरण, सॉफ्टवेयर और चिप के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हुआ।




नए उत्पादों के संदर्भ में भी कुक का कार्यकाल महत्वपूर्ण माना जाता है। 2015 में एप्पल वॉच और अगले वर्ष एयरपॉड्स बाजार में आए। इन दोनों उत्पादों ने कंपनी के कारोबार का दायरा बढ़ाया और पहनने योग्य तकनीक को आम उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में मदद की।




हालांकि, हर निर्णय सफल नहीं रहा। 2012 में लॉन्च किए गए एप्पल मैप्स को प्रारंभिक दौर में गलत और अधूरी जानकारी के कारण आलोचना का सामना करना पड़ा। 2023 में पेश किया गया विजन प्रो भी महंगी कीमत और सीमित स्वीकार्यता के कारण अपेक्षित सफलता नहीं प्राप्त कर सका। इसके अलावा, एप्पल ने वर्षों की मेहनत और भारी निवेश के बाद अपनी इलेक्ट्रिक और स्वचालित कार परियोजना को भी बंद कर दिया।




अब एप्पल के सामने सबसे बड़ी चुनौती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की है। माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और ओपनएआई इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ चुके हैं। एप्पल ने निजता, उपकरण के भीतर प्रोसेसिंग और अपने सॉफ्टवेयर तंत्र पर अधिक ध्यान केंद्रित किया है। यही रणनीति आने वाले समय में कुक के बाद कंपनी की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।




वर्तमान जानकारी के अनुसार, कुक के बाद जॉन टर्नस का नाम नेतृत्व की अगली कड़ी के रूप में सामने आया है। कुक के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि यही मानी जाएगी कि उन्होंने एप्पल को स्टीव जॉब्स के दौर की विरासत से आगे बढ़ाकर दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल किया है।