ट्रंप मीडिया एंड टेक्नोलॉजी को दूसरी तिमाही में बड़ा वित्तीय घाटा
ट्रंप मीडिया एंड टेक्नोलॉजी को इस साल की दूसरी तिमाही में 23.8 करोड़ डॉलर का घाटा हुआ है, जो पिछले साल की तुलना में दस गुना अधिक है। कंपनी की आय में वृद्धि के बावजूद, डिजिटल संपत्तियों की कीमतों में गिरावट ने वित्तीय स्थिति को प्रभावित किया है। नए सीईओ केविन मैकगर्न ने प्राथमिक योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने की बात की है, जिसमें ट्रुथ एपीआई सेवा शामिल है। हालांकि, इस सेवा को लेकर राजनीतिक और नैतिक चिंताएं भी उठ रही हैं।
| Aug 11, 2026, 22:48 IST
ट्रंप मीडिया की वित्तीय स्थिति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से संबंधित कंपनी ट्रंप मीडिया एंड टेक्नोलॉजी को इस वर्ष की दूसरी तिमाही में गंभीर वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ा है। अप्रैल से जून के बीच कंपनी ने 23.8 करोड़ डॉलर का घाटा रिपोर्ट किया है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में हुए नुकसान से दस गुना अधिक है। कंपनी का कहना है कि बिटकॉइन और क्रोनोस जैसी डिजिटल संपत्तियों की कीमतों में गिरावट ने इसके परिणामों को प्रभावित किया है।
आय में वृद्धि के बावजूद घाटा
कंपनी का प्रति शेयर घाटा पिछले वर्ष के 8 सेंट से बढ़कर 86 सेंट हो गया है। हालांकि, इस दौरान कंपनी की आय में वृद्धि हुई है, जो दूसरी तिमाही में लगभग 17 लाख डॉलर रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 89 प्रतिशत अधिक है। फिर भी, खर्च और डिजिटल संपत्तियों से संबंधित कागजी नुकसान ने कंपनी की वित्तीय स्थिति को चुनौती दी है।
नकद और डिजिटल संपत्तियों की स्थिति
ट्रंप मीडिया के पास जून के अंत तक 40 करोड़ डॉलर से अधिक नकद और अल्पकालिक निवेश थे। इसके अलावा, कंपनी के पास लगभग 1.2 अरब डॉलर मूल्य की बिटकॉइन और संबंधित संपत्तियां थीं। डिजिटल मुद्रा के मूल्य में उतार-चढ़ाव कंपनी के वित्तीय परिणामों को सीधे प्रभावित कर रहा है।
नई रणनीति और ट्रुथ एपीआई सेवा
कंपनी के नए सीईओ केविन मैकगर्न ने बताया कि अब संसाधनों को प्राथमिक योजनाओं पर केंद्रित किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर कुछ योजनाओं को बंद किया जा सकता है। इस रणनीति में ट्रुथ सोशल से संबंधित ट्रुथ एपीआई सेवा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सेवा की संभावनाएं और चिंताएं
यह सेवा वित्तीय कंपनियों को ट्रुथ सोशल पर प्रमुख व्यक्तियों की पोस्ट तक जल्दी पहुंच प्रदान करती है, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप की पोस्ट भी शामिल हैं, जो अमेरिकी बाजारों पर प्रभाव डाल सकती हैं। कंपनी इस सेवा के लिए हर महीने 60 हजार से एक लाख डॉलर तक शुल्क ले रही है और अब तक 10 ग्राहक इससे जुड़ चुके हैं। कंपनी का अनुमान है कि इससे सालाना 70 लाख से 1.2 करोड़ डॉलर तक की आय हो सकती है।
राजनीतिक और नैतिक चिंताएं
हालांकि, इस सेवा को लेकर राजनीतिक और नैतिक सवाल भी उठ रहे हैं। कुछ निगरानी समूहों ने चिंता जताई है कि इससे राष्ट्रपति पद से जुड़े प्रभाव का आर्थिक लाभ उठाने की संभावना हो सकती है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने भी कहा है कि सत्ता में आने पर वह इस व्यवस्था की जांच कर सकती है।
