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ट्रूकॉलर के CEO ने ट्राई के निर्णय पर उठाए सवाल

ट्रूकॉलर के CEO रिशित झुनझुनवाला ने हाल ही में ट्राई के निर्णय पर सवाल उठाए हैं, जिसमें 1600 नंबरों से आने वाली कॉलों की पहचान को लेकर विवाद है। उन्होंने कहा कि किसी आईटी मध्यस्थ को उपयोगकर्ताओं को दिखाई जाने वाली जानकारी को नियंत्रित करने के लिए बाध्य करना, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप होगा। ट्राई ने स्पष्ट किया है कि ये कॉल सरकारी संवाद के लिए होती हैं, जबकि ट्रूकॉलर का कहना है कि स्पैमर इन नंबरों का दुरुपयोग कर रहे हैं। झुनझुनवाला ने उपभोक्ता सुरक्षा को मजबूत करने के लिए समाधान खोजने की प्रतिबद्धता जताई है।
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ट्रूकॉलर के CEO का बयान

ट्रूकॉलर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिशित झुनझुनवाला ने हाल ही में कहा कि उपयोगकर्ताओं को दिखाई जाने वाली जानकारी को नियंत्रित करने के लिए किसी आईटी मध्यस्थ को बाध्य करना, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के नियामकीय ढांचे में हस्तक्षेप होगा। यह टिप्पणी ट्राई और ट्रूकॉलर के बीच विशेष नंबर श्रृंखला (1600) से आने वाली कॉल की पहचान को लेकर चल रहे विवाद के संदर्भ में आई है.


ट्राई का निर्णय

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने हाल ही में स्पष्ट किया कि 1600 नंबर श्रृंखला से आने वाली कॉलों को कोई भी ऐप अवरुद्ध नहीं कर सकता, क्योंकि ये कॉल सरकारी संस्थाओं द्वारा नागरिकों से संवाद के लिए होती हैं। ट्रूकॉलर ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि स्पैमर 1600 और 140 नंबरों का दुरुपयोग कर रहे हैं, और उनके प्लेटफॉर्म पर लाखों उपयोगकर्ता ऐसी कॉलों को स्पैम के रूप में चिह्नित करते हैं.


झुनझुनवाला का दृष्टिकोण

झुनझुनवाला ने एक बातचीत में कहा, "ट्राई का अधिकार क्षेत्र बढ़ाकर किसी आईटी मध्यस्थ को निर्देश देना कि वह उपयोगकर्ताओं को कौन-सी जानकारी दिखाए, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के दायरे में आने वाले नियामकीय ढांचे पर अतिक्रमण होगा।" उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा संशोधन बिना अधिकार क्षेत्र के सवालों को हल किए आगे बढ़ता है, तो इससे अन्य आईटी मध्यस्थों पर भी नियामकीय दावे किए जा सकते हैं, जिससे कानूनी निश्चितता और निवेशकों के विश्वास पर असर पड़ सकता है.


मंत्रालय की स्थिति

ट्राई ने खुद को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत अधिकृत एजेंसी घोषित करने का आग्रह किया है, ताकि वह कॉल प्रबंधन ऐप के खिलाफ कार्रवाई कर सके। इस पर आईटी मंत्रालय विचार कर रहा है और अधिकारियों ने कहा है कि यह मामला ट्रूकॉलर से अधिक तकनीकी पहलुओं से जुड़ा है.


उपभोक्ता सुरक्षा पर ध्यान

झुनझुनवाला ने कहा कि ट्रूकॉलर रचनात्मक संवाद पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और वह ट्राई, आईटी मंत्रालय, दूरसंचार विभाग और अन्य पक्षों के साथ मिलकर उपभोक्ता सुरक्षा को मजबूत करने के लिए समाधान खोजने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि स्पैम कॉल रोकने के लक्ष्य पर कोई मतभेद नहीं है, लेकिन उपभोक्ताओं को कम जानकारी देना समाधान नहीं है. कंपनी ने यह भी कहा कि वह उपयोगकर्ताओं को चेतावनी देने के लिए 'बार-बार ब्लॉक' नंबर का टैग दिखाना जारी रखेगी.