Newzfatafatlogo

डिजिटल पेमेंट में UPI का बढ़ता प्रभाव और विदेशी ऐप्स का वर्चस्व

डिजिटल भुगतान प्रणाली UPI में नए चार्ज और मर्चेंट डिस्काउंट रेट की घोषणा के बाद, विदेशी ऐप्स का दबदबा बढ़ता जा रहा है। सरकार ने P2P लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लगाने की बात कही है, लेकिन बड़े मर्चेंट लेनदेन पर नया MDR लागू होगा। NPCI के आंकड़ों के अनुसार, फोनपे और गूगल पे UPI के कुल लेनदेन का 80% से अधिक हिस्सा रखते हैं। इस लेख में जानें कि कैसे UPI का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और BHIM तथा SBI जैसे ऐप्स की स्थिति क्या है।
 | 

UPI पेमेंट सिस्टम में नए चार्ज और विदेशी ऐप्स का दबदबा

डिजिटल भुगतान प्रणाली UPI एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है, खासकर नए चार्ज और मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) की घोषणा के बाद। सरकार ने स्पष्ट किया है कि व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। हालांकि, कुछ बड़े मर्चेंट लेनदेन पर नया MDR लागू होगा। इस बीच, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि UPI ऐप के बाजार में दो विदेशी कंपनियों का वर्चस्व बना हुआ है। भारत के UPI बाजार में सरकारी बैंक SBI या NPCI का BHIM ऐप शीर्ष स्थान पर नहीं है।


इन दो विदेशी कंपनियों में वॉलमार्ट समर्थित फोनपे (PhonePe) और अल्फाबेट समर्थित गूगल पे (Google Pay) शामिल हैं। NPCI के आंकड़ों के अनुसार, UPI के कुल लेनदेन का 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा इन दोनों कंपनियों के पास है। BHIM और SBI जैसे प्रमुख नाम भी शीर्ष 5 में स्थान नहीं बना पाए हैं।


UPI लेनदेन में तेजी से वृद्धि

डिजिटल पेमेंट में UPI का बढ़ता प्रभाव और विदेशी ऐप्स का वर्चस्व


NPCI के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 में UPI पर लगभग 8,375 करोड़ लेनदेन हुए थे, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर लगभग 20,353 करोड़ हो गए। यह दर्शाता है कि UPI का उपयोग तेजी से बढ़ा है। 2026 के प्रारंभिक महीनों में भी यह वृद्धि जारी है। रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2026 में 2,235 करोड़, मई में 2,320 करोड़, जून में 2,272 करोड़, जुलाई में 2,366 करोड़ और अगस्त में लगभग 2,451 करोड़ UPI लेनदेन दर्ज किए गए हैं। इसका अर्थ है कि भारत में दैनिक भुगतान के लिए UPI का उपयोग लगातार बढ़ रहा है।


फोनपे और गूगल पे का बढ़ता वर्चस्व

NPCI के अनुसार, फोनपे पर 1,118.51 करोड़ और गूगल पे पर 790.74 करोड़ लेनदेन हुए। दोनों ऐप्स के मिलाकर 1,909.25 करोड़ लेनदेन हुए, जो कुल ऐप लेनदेन का लगभग 78.3% है। पेटीएम 196.79 करोड़ लेनदेन के साथ तीसरे स्थान पर रहा।


अगस्त 2022 में फोनपे पर 314.67 करोड़ और गूगल पे पर 221.27 करोड़ लेनदेन हुए थे। उस समय दोनों ऐप की कुल हिस्सेदारी लगभग 80.1% थी। अगस्त 2023 में यह बढ़कर 81.8% और अगस्त 2024 में 86.8% हो गई। हालांकि, 2026 में पहली बार दोनों की कुल हिस्सेदारी 80% से नीचे आ गई।


BHIM और SBI की स्थिति

BHIM और SBI जैसे अन्य UPI ऐप पर भी लेनदेन बढ़े हैं, लेकिन उनकी वृद्धि की गति अलग रही है। अगस्त 2022 में BHIM के 2.499 करोड़ और SBI ऐप के 0.539 करोड़ लेनदेन थे। 2023 में BHIM 2.461 करोड़ और SBI 0.410 करोड़ रहा। 2024 में BHIM 2.594 करोड़ और SBI 0.9 करोड़ पर पहुंचा। 2025 में BHIM तेजी से बढ़कर 10.017 करोड़, जबकि SBI 1.299 करोड़ हुआ। अगस्त 2026 में BHIM 25.369 करोड़ और SBI 2.957 करोड़ लेनदेन पर पहुंच गया।


CRED और व्हाट्सएप के आंकड़े

NPCI के अनुसार, CRED ने 1.481 करोड़ से बढ़कर 14.394 करोड़ और व्हाट्सएप ने 0.672 करोड़ से 18.369 करोड़ लेनदेन पर पहुंचा। एक्सिस बैंक ऐप्स ने 14.678 करोड़ और कोटक महिंद्रा बैंक ऐप्स ने 13.779 करोड़ लेनदेन किए। विशेष बात यह है कि अगस्त 2026 में CRED ने 14.394 करोड़ लेनदेन के बावजूद 57,398.05 करोड़ रुपये का लेनदेन मूल्य दर्ज किया।