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त्योहारी मौसम में ई-कॉमर्स और त्वरित वाणिज्य का बढ़ता प्रभाव

त्योहारी मौसम में ई-कॉमर्स और त्वरित वाणिज्य के प्रभाव पर एक विस्तृत दृष्टिकोण। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरान बिक्री में वृद्धि होगी, जबकि ग्राहक प्रीमियम उत्पादों की मांग के साथ-साथ बेहतर सौदों की तलाश में रहेंगे। जानें कैसे त्वरित वाणिज्य का विस्तार हो रहा है और ग्राहक अपनी खरीदारी की प्राथमिकताओं में बदलाव कर रहे हैं।
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त्योहारी मौसम की तैयारी में ई-कॉमर्स क्षेत्र

नई दिल्ली, 6 सितंबर - ई-कॉमर्स और त्वरित वाणिज्य प्लेटफार्म त्योहारी सीजन के लिए तैयार हैं। उद्योग विशेषज्ञों को इस दौरान बिक्री में अच्छी वृद्धि की उम्मीद है, हालांकि ग्राहकों के खर्च करने के रुझान में भिन्नता देखने को मिल सकती है। प्रीमियम उत्पादों की मांग के साथ-साथ, ग्राहक बेहतर सौदों की तलाश में भी रहेंगे।


त्वरित वाणिज्य का विस्तार

त्वरित वाणिज्य मंच अब रोजमर्रा के किराने के सामान से लेकर कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और सौंदर्य उत्पादों तक अपनी पहुंच बढ़ा रहा है। हाल के त्योहारों में खरीदारी के बढ़ते रुझान के आधार पर, इस त्योहारी मौसम में भी इसकी वृद्धि की संभावना है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के विश्लेषक शुभम निमकर ने कहा कि त्योहारी बिक्री मूल्य के लिहाज से अच्छी हो सकती है, लेकिन मात्रा में संतुलन बना रह सकता है।


ग्राहकों की खरीदारी की प्रवृत्तियाँ

उन्होंने बताया कि ग्राहक खर्च करने के लिए तैयार हैं, लेकिन ऊंची कीमतों के कारण वे सोच-समझकर खरीदारी करेंगे। उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स में प्रीमियम उत्पादों की मांग बनी रह सकती है, जबकि ग्राहक बेहतर सौदों पर ध्यान देंगे। इन्फिसम की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत का ई-कॉमर्स बाजार 2024 में 125 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2030 तक लगभग तीन गुना होकर 345 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है।


ई-कॉमर्स का भविष्य

इस दौरान 18.4 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर का अनुमान है। त्वरित वाणिज्य के विस्तार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते उपयोग से इसे गति मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दशक के अंत तक भारत के खुदरा खर्च में ई-कॉमर्स की हिस्सेदारी 10-12 प्रतिशत हो सकती है, जिससे 42-44 करोड़ ऑनलाइन ग्राहक खरीदारी कर सकते हैं।


त्योहारी खरीदारी में विविधता

जेप्टो के मुख्य कारोबार अधिकारी देवेंद्र मील ने कहा कि त्योहारी खरीदारी अब अधिक विविध हो रही है। कंपनियां विभिन्न अवसरों और त्योहारों के लिए विशेष उत्पाद पेश कर रही हैं। स्नैपडील के सीईओ अचिंत सेतिया ने बताया कि त्वरित वाणिज्य मुख्य रूप से महानगरों में तुरंत सामान उपलब्ध कराने की आवश्यकता को पूरा कर रहा है, जबकि गैर-महानगरीय ग्राहक सोच-समझकर खरीदारी करते हैं।


ग्राहकों की प्राथमिकताएँ

सेतिया ने कहा, "हमारे ग्राहकों के लिए कीमत के लिहाज से बेहतर विकल्प खोजना सबसे महत्वपूर्ण है।" ग्राहक अपने बजट के भीतर बेहतर गुणवत्ता या अधिक पसंद किए जाने वाले उत्पादों की ओर बढ़ रहे हैं। गैर-महानगर क्षेत्र त्योहारी मांग के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं।


गैर-महानगर क्षेत्रों में बिक्री

सेतिया के अनुसार, स्नैपडील की 80 प्रतिशत से अधिक बिक्री गैर-महानगर क्षेत्रों से आती है। मीशो के प्रवक्ता ने बताया कि रक्षाबंधन के दौरान उनके 73 प्रतिशत ऑर्डर गैर-महानगरीय बाजारों से आए और विक्रेताओं की भागीदारी सालाना आधार पर 72 प्रतिशत बढ़ी।